महाकुंभ कैम्पस. इलाहाबाद महाकुंभ में आज बुधवार को विश्व हिन्दू परिषद् (विहिप) की केन्द्रीय मार्गदर्शक मंडल की एक अहम् बैठक शुरू हो गई है। पिछले दो तीन दिनों से इस बैठक में गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी को भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार बनाए जाने का मुद्दा छाए रहने की उम्मीद जताई जा रही थी, लेकिन इस बैठक से पहले दो प्रमुख हिन्दू संतों ने मोदी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। शाम तक यह साफ हो गया कि विहिप संत समाज की नाराजगी मोल नहीं लेना चाहती है। कई घंटे तक चली इस बैठक में मोदी का नाम तक नहीं लिया गया। प्रवीण तोगड़िया से लेकर भाजपा के रा ष्ट्रीय अध्यक्ष राजनाथ सिंह मंदिर आंदोलन की बात करते नजर आए।
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वैसे बैठक में शामिल होने से पहले विहिप के अशोक सिंघल ने गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी की तुलना जवाहर लाल नेहरू से कर दी। अशोक सिंघल ने कहा कि मोदी की मांग ठीक उसी तरह है जैसे कि आज़ादी के बाद जनता नेहरू जी को प्रधानमंत्री देखना चाहती थी। बाबा रामदेव ने मोदी के आने पर उनका स्वागत करने की बात कही है। समाजवादी पार्टी ने कुंभ में हो रही राजनीति पर रोक लगाने की बात कही है। इस पर भाजपा का कहना है कि कुंभ समाजवादी पार्टी की जागीर नहीं है।
समाजवादी पार्टी के महासचिव राम आसरे कुशवाहा ने कहा है कि कुंभ में अगर राजनीति हुई तो रोक लगाएंगे। उन्होंने कहा कि कुंभ आस्था का केंद्र है न कि राजनीति का। कुंभ में राजनीति के लिए जगह नहीं है। इस पर भाजपा के कलराज मिश्र ने कहा है कि कुंभ समाजवादी पार्टी की जागीर नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार किसी को कुंभ में आने से नहीं रोक सकती। वहीं राजनाथ सिंह के कुंभ मेला क्षेत्र पहुंचने पर उनके और नरेंद्र मोदी के लिए जमकर नारेबाजी की गई।
बैठक में पहुंचे विहिप के प्रवीण तोगड़िया ने कहा कि हम यहां पर सौ करोड़ हिंदुओं के मुद्दे पर चर्चा करेंगे। यहां कोई राजनीतिक फैसला नहीं लिया जाने वाला है। हम किसी व्यक्ति या पार्टी को समर्थन नहीं दे रहे हैं। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने नरेंद्र मोदी के पीएम पद के उम्मीदवार बनाए जाने के सवाल पर कहा कि इस बारे में पार्टी की पार्लियामेंटरी बोर्ड की कमेटी तय करेगी। राम मंदिर निर्माण के सवाल पर उन्होंने कहा कि मंदिर निर्माण भारतीय जनता पार्टी की प्राथमिकता में है और हम उसी स्थान पर राम मंदिर निर्माण के लिए प्रतिबद्ध हैं।
वहीं खुद को पुरी की गोवर्धन पीठ का असली शंकराचार्य बताने वाले प्रमुख धर्माचार्य स्वामी अधोक्षजानंद ने यूपी के सीएम अखिलेश यादव को एक पत्र लिख कर गुजरात के सीएम के महाकुंभ में संभावित दौरे पर पाबंदी लगाने की बात की है। धर्माचार्य स्वामी अधोक्षजानंद ने सीएम अखिलेश यादव को चिट्ठी लिखकर नरेंद्र मोदी के कुंभ मेले में आने पर पाबंदी लगाने की मांग तो की ही है, साथ ही उन्होंने अपने पंडाल में गुजरात दंगे में मौत का शिकार हुए लोगों की आत्मा की शान्ति के लिए एक हफ्ते का विशेष यज्ञ का कार्यक्रम शुरू कर दिया है।
स्वामी अधोक्षजानंद ने कहा है कि अगर यूपी सरकार ने मोदी के आने पर पाबंदी नहीं लगाई तो वह लोग खुद ही कोई कदम उठाने को मजबूर होंगे। स्वामी अधोक्षजानंद इससे पहले दलाईलामा को लेकर भी सरकार को चिट्ठी लिख चुके हैं और उनकी चिट्ठी के बाद यूपी सरकार ने सुरक्षा कारणों से दलाईलामा के को कुम्भ में आने की इजाजत नहीं दी थी और उनका कार्यक्रम रद्द हो गया था। स्वामी अधोक्षजानंद का कहना है कि मोदी के कुम्भ मेले में आने से यहां का माहौल बिगड़ सकता है। इसलिए उन्हें यहां आने की इजाजत नहीं दी जानी चाहिए।
इसके अलावा जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर पंचानन गिरि ने भी मोदी के दौरे पर नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि भाजपा या उसके नेता किस मुंह से संतों का आर्शीवाद लेना चाह रहे हैं। मंदिर निर्माण की बात कहकर सत्ता में आने वाली भाजपा मंदिर मुद्दा भूल गई। अब मोदी को आगे करके सत्ता पाना चाहती है। केंद्र में सत्ता में रहते हुए भाजपा गोमाता के संरक्षण का कानून तक पारित नहीं करा पाई। उन्होंने कहा कि कुंभ में जो भी आए, धार्मिक इच्छा से आए, यहां राजनीति करने न आए।
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1- गुजरात दंगों को मोदी का सरकारी आतंकवाद बता चुके हैं स्वामी अधोक्षजानंद
2- बाबा रामदेव और महामंडलेश्वर महेश्वरानंद करेंगे मोदी का स्वागत
3- महाकुंभ से राम मंदिर आन्दोलन को ज़िंदा करने के लिए भगवा ब्रिगेड तैयार
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