Home » Uttar Pradesh » Lucknow » News » Brother Of Delhi Gang Rape Victim Raised Many Questions On Government

दामि‍नी के भी हैं ये सवाल, कौन देगा इनका जवाब

अनुराग सिंह | Jan 09, 2013, 11:41AM IST
दामि‍नी के भी हैं ये सवाल, कौन देगा इनका जवाब
बलिया/लखनऊ. क्या दिल्ली के दिल दहला देने वाले गैंग रेप में शहीद हुई दामिनी 2014 तक ज़िंदा रहेगी या फिर तब तक दम तोड़ चुकी होगी। यह सवाल सुन ने में जरूर अटपटा लगता है पर उस भाई के दर्द को बयान करता है जिसने अपनी बड़ी बहन को ही हमेशा के लिए नहीं खोया बल्कि अपने भविष्य को भी लेकर अब वो सशंकित है। जी हां, दामिनी के छोटे भाई नें देश की सभी राजनीतिक पार्टियों से यह सवाल पूछा है कि‍ क्या 2014 में होने वाले लोकसभा चुनावों में दामिनी का दर्द सभी के लिए एक चुनावी मुद्दा बनेगा या नहीं।
 
12 वीं कक्षा उत्तीर्ण करने के बाद इंजीनियरिंग की परीक्षा की तैयारी कर रहे इस युवक के अनुसार अभी तो लगभग सभी पार्टियां बलात्कारियों के लिए फांसी की सज़ा की बात कर रही हैं। पर क्या इन सभी में यह साहस है की ये 2014 के लोकसभा चुनाव में भी इस मेरी बहन के दर्द और महिलाओं और लड़कियों की सुरक्षा को अपने चुनावी घोषणा पत्र में सर्वोच्च प्राथमिकता दें और फिर अगर उनकी सरकार बने तो अपने वादे पर अमल करें।    
 
दामिनी के भाई का कहना है कि‍ उसको डर बस इतना है कि‍ कहीं उसकी बहन की कुर्बानी व्यर्थ ना जाय और अभी उसके लिए चल रहे सारे आन्दोलन कुछ हफ़्तों या महीनो बाद ठंडे ना पड़ जाएं। उन्होंने दिल्ली और उत्तर प्रदेश सरकार से यह भी सवाल किया है कि‍ परिवार को मुआवज़े के रूप में घोषित किये 35 लाख रूपये अभी तक क्यों नहीं सरकार से मिलें हैं। मेरी दीदी इंटर्नशिप के बाद विदेश जाकर काम करना चाहती थी ताकि मेरे कंप्यूटर इंजिनियर बनने का और मेरे छोटे भाई के एस्ट्रोनॉट बनने के सपना साकार हो सके।
 
फोटो- दामि‍नी के बलि‍या स्‍थि‍त गांव को जाती सड़क। 
आपके विचार
 
अपने विचार पोस्ट करने के लिए लॉग इन करें

लॉग इन करे:
या
अपने बारे में बताएं
 
 

दिखाया जायेगा

 
 

दिखाया जायेगा

 
कोड:
5 + 1

 
विज्ञापन

बड़ी खबरें

रोचक खबरें

विज्ञापन

बॉलीवुड

जीवन मंत्र

स्पोर्ट्स

जोक्स

पसंदीदा खबरें

फोटो फीचर

 
Email Print Comment