लखनऊ. दिल्ली में गैंगरेप की शिकार 23 वर्षीय छात्रा के जिंदगी की जंग हार जाने से जहां गांव ने अपनी लाडली को खो दिया, वहीं दूसरी ओर दो भाइयों ने अपनी ट्यूटर बहन से जुदा हो गई। ‘दामिनी’ अपने भाइयों की खुद ही ट्यूशन देती थी। भाइयों की गाइड बन चुकी दामिनी को हमेशा उनकी फिक्र रहती थी। उसके चाचा यह बताते हुए फफक-फफक कर रो पड़े। कुछ संभले और उनकी जुबान थम गई। आंख में आंसू और चेहरा पत्थर सा हो गया।
भारत का युवा इंडिया गेट से लेकर राष्ट्रपति भवन तक प्रदर्शन कर रहा है। कानून जब बनेगा, तब बनेगा। महिलाओं के खिलाफ अपराध तब रूकेंगे जब हम उनकी दिल से इज्जत करेंगे। इस बार इसी संकल्प को करने का मौका है, हमारे महाअभियान से जुड़कर। हमारे इस महाअभियान से जुड़िए और संकल्प लीजिए कि मैं महिलाओँ का सम्मान करूंगा।