लखनऊ. जिस कसाब ने मुंबई में मौत का तांडव किया था, उसको भी अपनी मौत का डर सताने लगा था। जिस कसाब ने अधाधुंध गोलियां चला कर कई निर्दोष लोगों को मौत की नींद सुला दिया, वह अपनी फांसी की सजा सुन कर बेहाल हो चुका था। कई लोगों की हत्या के दोषी कसाब ने भारत के राष्ट्रपति से लगाई थी अपनी जान बख्शने की गुहार। लखनऊ की रहने वाली एक महिला ने आरटीआई के जरिए कसाब की अंतिम चिट्ठी हासिल की है।
अपनी इस संक्षिप्त चिठ्ठी में कसाब ने लिखा था, '' सर, मुझे फांसी की सजा सुप्रीम कोर्ट से हो गई है। फांसी की सजा से मुझे छोड़ दिया जाए। मेरे ऊपर दया करो और मुझे फांसी की सजा से रिहा कर दें। आपका अजमल कसाब।''
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