'गलत नीतियों से बिगड़ रहा है पढ़ाई का माहौल'
लखनऊ. यूपी के बेसिक शिक्षा मंत्री राम गोविंद चौधरी ने कहा है कि केन्द्र सरकार की शिक्षा नीति से प्राथमिक स्तर की पढ़ाई चौपट हो गई है। केन्द्र ने ऐसी नीति बना दी है कि शिक्षक बच्चें की न परीक्षा ले सकते है और उनको स्कूलों में मार नही सकते। इससे स्कूलों का माहौल बिगड़ रहा है।
चौधरी पुराने खांटी समाजवादी नेता है। वे लखनऊ में प्राथमिक शिक्षक संघ के स मेलन में बोल रहे थे। अपने बचपन की याद करते हुए उन्होने कहा कि जब वे सरकारी प्राथमिक स्कूल में पढ़ते थे तो एक सवाल हल न करने पर उन्हे पांच छड़ी की सजा और दो सवाल न हल करने पर दस छड़ी की सजा मिलती थी। उन्होने शिक्षा का अधिकार कानून का जिक्र किये बिना इसके प्रावधानों की आलोचना की। इस अधिनियम में व्यवस्था है कि 6 से 14 साल के बच्चों की परीक्षा नही ली जाएगी और होमवर्क न करने पर शिक्षक बच्चों को सजा नही दे सकते।
इस सम्मेलन में बेसिक शिक्षा मंत्री ने शिक्षकों को भी खरी खरी सुनाई। उन्होने कहा कि शिक्षकों का फर्ज बनता है कि वे स्कूल जाएं और बच्चों को पढ़ाये। शिक्षक संघ के पदाधिकारी भी अपनी जि मेदारी पूरी करें व बच्चों को पढ़ाएं। जब पदाधिकारी स्कूल नियमित जा कर बच्चों को पढ़ायेंगें तो दूसरे शिक्षक भी सबक लेगें।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि हालत ऐसे है कि शिक्षक स्कूल जाने के बजाए चौराहे पर राजनीति करते है, और विभाग के बाबूओं को इसलिए घूस देते है ताकि उन्हे स्कूल न जाना पड़े। शिक्षकों के इस रवैये से सरकारी स्कूल की गरिमा गिरी है और निजी स्कूल का कारोबार बढ़ा है।








