प्रणब के भोज में उड़ीं कानून की धज्जियां
लखनऊ. राष्ट्रपति पद के लिए यूपीए के उम्मीदवार प्रणब मुखर्जी के सम्मान में यूपी के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की तरफ से दिए गए भोज में कानून की धज्जियां उड़ गईं। लखनऊ में सीएम आवास-5, कालीदास मार्ग पर आयोजित लंच में समाजवादी पार्टी के तमाम विधायकों-मंत्रियों की मौजूदगी में प्रणब मुखर्जी ने लजीज पकवानों का मजा लिया। लेकिन इसी दौरान कौमी एकता दल के मऊ से विधायक मुख्तार अंसारी और समाजवादी पार्टी के भदोही से विधायक विजय मिश्रा की मौजूदगी ने सबको चौंका दिया।
मुख्तार अंसारी पिछले 7 सालों और विजय मिश्रा 3 सालों से जेल में बंद हैं। अन्य आरोपों के अलावा मुख्तार पर बीजेपी के पूर्व विधायक कृष्णानंद राय की हत्या का आरोप है। वहीं, विजय मिश्रा पर भी 30 मुकदमे दर्ज हैं।
लेकिन मंगलवार को इन दोनों को मुख्यमंत्री आवास पर देखा गया। नियमों के मुताबिक जेल में बंद विधायक सिर्फ विधानसभा की कार्यवाही में हिस्सा ले सकते हैं। इसके अलावा उन्हें कहीं और जाने की इजाजत नहीं होती है।
कानून को लेकर सरकार के रवैये का अंदाजा इसी बात से लगता है कि जब मीडियाकर्मी मुख्तार अंसारी और विजय मिश्रा की तस्वीरें खींचने लगे तो अखिलेश यादव के आवास में मौजूद पुलिस अफसरों ने उन्हें ऐसा न करने को कहा।
इस बीच, प्रणब मुखर्जी के लिए राहत की यह खबर है कि राज्यसभा सचिवालय ने बीजेपी और संगमा की आपत्तियों को खारिज करते हुए उनका नामांकन मंजूर कर लिया है। संगमा के भी नामांकन को मंजूरी मिल गई है। संगमा ने प्रणब पर भारतीय सांख्यिकी संस्थान (आईएसआई) का अध्यक्ष होने की वजह से लाभ के पद का आरोप लगाया था। इस आरोप पर आईएसआई ने सफाई दी थी कि प्रणब ने पिछले महीने ही इस पद पर इस्तीफा दे दिया था।
(फाइट फोटो: एक कार्यक्रम में मुख्तार अंसारी के साथ अखिलेश)







