लखनऊ. एक चमत्कारी आयुर्वेदिक कॉकटेल नें ज़िंदा लाश में तब्दील हो चुके मैकेनिक में फूंक दी है नयी जान। नवम्बर 2011 में गर्दन में गंभीर चोट लगने के बाद से ही लकवे के चलते अपने बिस्तर में ज़िंदा लाश में बदल चुके 52-वर्षीय वसीम बेग को नया जीवन दिया है लखनऊ के आयुर्वेद चिकित्सकों नें, एक अद्भुत प्राकृतिक चिकित्सा के कॉकटेल के द्वारा।
खाला बाजार स्थित राजकीय आयुर्वेदिक कालेज-हॉस्पिटल में पंचकर्म विभाग के विशेषज्ञों ने तीन महीने के इलाज बाद अब तक गर्दन के नीची लकवाग्रस्त रहे वसीम को अपने आप बैठने और करवट लेने लायक बना दिया है। साथ ही लाल कुआं निवासी वसीम अब धीरे धीरे सपोर्ट के साथ खडा होने और चलने भी लगा है।