लखनऊ. उत्तर प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ बिगुल फूंकने के लिए सोमवार को श्री श्री रविशंकर मैदान में उतरे। आध्यात्मिक गुरु ने जौनपुर से अपना अभियान शुरू किया। श्री श्री रविशंकर सत्संग कर लोगों से भ्रष्टाचार के खिलाफ खड़ा होने की अपील करेंगे। लेकिन उनकी यात्रा पर सियासी छींटाकशी शुरू हो गई है। जहां एक ओर बीजेपी ने इस यात्रा का समर्थन किया है। वहीं, कांग्रेस और समाजवादी पार्टी को यह रास नहीं आ रही है। समाजवादी पार्टी ने एक और कदम आगे बढ़ते हुए श्री श्री रविशंकर के लिए अशोभनीय शब्द का इस्तेमाल कर दिया। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान ने कहा कि कई बाबा यात्रा कर रहे हैं। पहले बाबा रामदेव ने यात्रा निकाली फिर बाबा अन्ना हजारे और अब बड़ी जुल्फों वाले बाबा श्री श्री रविशंकर। हालांकि अपनी यात्रा को लेकर शुरू हुई राजनीति के जवाब में श्री श्री रविशंकर ने कहा कि यह उनकी मामूली यात्रा है और इसका राजनीति से कोई लेना देना नहीं है।
चार दिन की होगी यात्रा, कानपुर में होगा समापन
श्री श्री आठ नवंबर को सोनभद्र, नौ नवंबर को मिरजापुर, और 10 नवंबर को सुल्तानपुर में सत्संग करेंगे। 11 नवंबर को कानपुर में उनकी यात्रा का समापन होगा। कानपुर में वह आईआईटी के छात्रों को भी संबोधित करेंगे।
सुधांशु महाराज ने साधु-संतों को राजनीति से दूर रहने की दी सलाह
करोड़ों भक्तों के आध्यात्मिक गुरु सुधांशु महाराज ने साधु-संतों को राजनीति से दूर रहने की सलाह देते हुए कहा कि इन धर्मगुरुओं को धर्म के ही कार्य करते हुए समाज का कल्याण करना चाहिए। सुधांशु महाराज ने आध्यात्मिक गुरु श्री श्री रवि शंकर द्वारा उत्तर प्रदेश में यात्रा निकालने की तैयारी और योग गुरु बाबा रामदेव के ऐसी ही सियासी गतिविधियों में शामिल होने के संबंध में ये बातें कहीं।
उन्होंने कहा कि साधु संतों का भ्रष्टाचार के विरोध में होना तो ठीक है, लेकिन उसका राजनीतिक उपयोग या दुरुपयोग नहीं होना चाहिए, क्योंकि ऐसे किसी भी कदम से उनसे निहित जनता का विश्वास डगमगा जाएगा। सुधांशु महाराज ने भ्रष्टाचार के खिलाफ आंदोलन चला रहे गांधीवादी अन्ना हजारे को ‘आज की आवाज’ करार दिया, लेकिन कहा कि हजारे और सरकार दोनों को ही एक -दूसरे पर दबाव बनाने के बजाय अपने वादों को निभाने पर ध्यान देना चाहिए।
सपा की चुनावी सभा में नाची बार बालाएं
उत्तर प्रदेश में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं। इसलिए श्री श्री की यात्रा का खास महत्व है। राज्य में सभी राजनीतिक पार्टियां भी चुनावी तैयारियों में जुट गई हैं। रविवार को समाजवादी पार्टी ने मेरठ में एक चुनावी सभा की। लेकिन यह सभा विवादों में आ गई क्योंकि मंच पर जम कर नाच-गाना हुआ। सभा के लिए नाचने वाली लड़कियों को खास तौर पर बुलाया गया था। हालांकि मेरठ के सपा उम्मीदवार आदिल चौधरी ने इससे पल्ला झाड़ते हुए कहा कि यह कार्यक्रम उनकी ओर से नहीं, बल्कि उनके चाहने वालों की ओर से था।
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