'बीएसपी में कुछ स्वार्थी विरोधी दलों के हाथों में खेल रहें है'

लखनऊ। बीएसपी अध्यक्ष मायावती ने स्वामी प्रसाद मौर्य को राष्ट्रीय महासचिव बनाया है। यह जानकारी देते हुए पार्टी के महासचिव नसीमुद्दीन ने कहा कि हमारी पार्टी के कुछ स्वार्थी लोगों ने, विरोधी पार्टियों के हाथों में खेल कर काफी घिनौना प्रयास किया है, लेकिन अच्छी बात है कि पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने ऐसे स्वार्थी तत्वों के हरकतों की सजा कभी भी उनके समाज को नहीं दी है। उन्होने कहा कि पार्टी अध्यक्ष को यह बात भी अच्छी तरह से मालूम है कि दलितों की तरह ही, पिछड़े वर्ग के लोगों को भी जिस प्रकार से पार्टी में व इस सरकार में भी, हर स्तर पर, जिस तरह से जोरदार बढ़ावा दिया गया है, उससे इस समाज के लोग काफी उत्साहित हैं। इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुये स्वामी प्रसाद मौर्या को बसपा का राष्ट्रीय महासचिव बनाया है।
उन्होंने कहा कि बीएसपी एक पार्टी से ज्यादा एक ‘मूवमेन्ट ‘ है और आत्म-सम्मान के इस मूवमेन्ट में सर्वसमाज का हित निहित व सुरक्षित है। इतना ही नहीं बल्कि हमारी पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष बहन कुमारी मायावती जी ने दलितों व पिछड़ों के साथ-साथ पार्टी संगठन में हर स्तर पर अन्य समाज के लोगों को भी समुचित बढ़ावा दिया है। नसीमुद्दीन ने कहा कि मुस्लिम समाज से उनको भी पार्टी का राष्ट्रीय महासचिव बनाया हुआ है और सामन्य वर्ग से सतीश चन्द्र मिश्र को पार्टी का राष्ट्रीय महासचिव हैं। राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने अपनी पार्टी की ‘‘सर्वजन हिताय व सर्वजन सुखाय‘‘ की नीति पर चलकर जिन्दगी के हर पहलू में सर्वसमाज के लोगों के हितों का पूरा-पूरा ध्यान रखा है और इसके साथ ही पार्टी के मानवतावादी मूवमेन्ट को बढ़ाने के लिये पार्टी संगठन में भी सर्वसमाज के लोगों को हर स्तर पर उचित प्रतिनिधित्व दिया है।
राष्ट्रीय महासचिव बनने के बाद स्वामी प्रसाद ने कहा कि दलितों, धार्मिक अल्पसंख्यकों के साथ-साथ अन्य पिछड़े वर्गों के लोगों के हित व कल्याण के लिये बीएसपी व उसकी व सरकार अतुलनीय काम किया है। गौरतलब है कि स्वामी प्रसाद बीएसपी के सूबे अध्यक्ष के साथ विधानसभा में नेता विरोधी दल थे। पिछले दिनों को मायावती ने राम अचल राजभर को सूबे के अध्यक्ष बना दिया था।








