वाह मंत्रीजी, छात्रों की पिटाई को ही जायज ठहरा दिया
लखनऊ. उत्तर प्रदेश के युवा मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की सरकार काम के लिए कम, विवादों के लिए ज्यादा जानी जाती है। विवादों की लिस्ट में एक और विवाद जुड़ गया है। इस बार विवाद की शुरूआत राज्य के एक आला मंत्री राम गोविंद चौधरी ने की है।
चौधरी का कहना है कि स्कूल में पिटाई नहीं होने से बच्चों को दिमाग बिगड़ जाता है। पिटाई होने से बच्चे सही रहते हैं। मंत्री ने अपना उदाहरण देते हुए कहा कि जब मैं स्टूडेंट था, तब मेरे टीचर मुझे गलत जवाब देने पर पिटते थे।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि स्कूलों में बच्चों की पिटाई बहुत जरूरी है, ताकि उन्हें अनुसान का पता चल सके। चौधरी के इस बयान के बाद उनका विरोध शुरु हो गया है। मनोवैज्ञानिक से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक का मानना है कि स्कूलों में किसी भी प्रकार का दंड सही नहीं है। ऐसे में उप्र के एक मंत्री का बयान लोगों के गले नहीं उतर रहा






