राज्यदिल्ली
मध्य प्रदेश
राजस्थान
छत्तीसगढ़
हिमाचल
पंजाब
हरियाणा
चंडीगढ़
उत्तर प्रदेश
बिहार
झारखंड
महाराष्ट्र
गुजरात
जम्मू-कश्मीर
Home >> Uttar Pradesh >> News >> Uttar Pradesh Government Is Offering Good Sceame For Industrial Devlopment
यूपी आकर फैक्ट्री लगाओ, बिना ब्याज के करोड़ों पाओ!
Ajayendra Rajan
| Dec 28, 2012, 11:02AM IST

लखनऊ. यूपी में औद्योगिक इकाइयां लगाने की जीतोड़ प्रयास कर रही अखिलेश सरकार ने अब इसके लिए लुभावनी स्कीम का सहारा लेना शुरू कर दिया है। इसी क्रम में प्रदेश सरकार ने यूपी में इंडस्ट्रियल यूनिट लगाने के शुरुआती दौर में उद्यमियों को 5 करोड़ रुपये के निवेश पर बिना ब्याज के कर्ज देने का ऐलान किया है। योजना में पूर्वांचल, मध्यांचल और बुंदेलखंड को खास तवज्जो दी गई है।
इसके तहत उद्यमियों को 10 साल तक जमा किए जाने वाले वैट व केंद्रीय बिक्री कर की कुल राशि के बराबर ब्याज मुक्त कर्ज मिलेगा। वहीं योजना में प्रदेश के पश्चिमी यूपी के लिए निवेश सीमा साढ़े 12 करोड़ रखी गई है। वैसे जो उद्यमी पश्चिमी यूपी में आईटी, खाद्य प्रसंस्करण या पशु संपदा आधारित उद्योग लगाना चाहते हैं उनके लिए सरकार ने 5 करोड़ ही निवेश की सीमा रखी है।
प्रदेश सरकार ने हाल ही में तय की नई औद्योगिक नीति-2012 के तहत औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नियमावली जारी की है। इसके तहत प्रदेशीय इंडस्ट्रियल एंड इन्वेस्टमेंट कॉरपोरेशन ऑफ यूपी लिमिटेड (पिकप) और उप्र वित्तीय निगम ने ये योजना पेश की है। इस योजना के तहत पूरे प्रदेश में खाद्य प्रसंस्करण, पशु संपदा आधारित इकाइयां और सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र की औद्योगिक यूनिटें लाभ ले सकेंगीं। लेकिन पूर्वांचल, मध्यांचल व बुंदेलखंड के कुल 49 जिलों में सभी तरह की नई इकाई लगाने वाले उद्यमियों को इसका लाभ मिलेगा।
इसके तहत औद्योगिक इकाइयों द्वारा 10 साल में उनके द्वारा जो वैट व केंद्रीय कर जमा किया जाएगा, उसकी कुल राशि या सालाना माल की बिक्री की राशि का 10 प्रतिशत, जो भी कम होगा, ब्याज मुक्त लोन के रूप में उपलब्ध होगा। उद्यमी को यह लोन 7 साल बाद एकमुश्त वापस करना होगा।
पश्चिमी यूपी के 26 जिलों में यह सुविधा वैसे तो खाद्य प्रसंस्करण, पशु संपदा आधारित इकाइयों तथा सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र के लिए उपलब्ध होगी, लेकिन अगर उद्यमी इन जिलों में अन्य क्षेत्रों में यूनिट लगाना चाहते हैं तो उसके लिए निवेश की सीमा 12.5 करोड़ रुपये या उससे अधिक रखी गई है। इस योजना का मकसद यूपी में औद्योगिक इकाइयों को बढ़ावा देना व शुरुआती सालों में उन्हें वर्किंग कैपिटल उपलब्ध कराना है।







