अधिग्रहण बिना ग्रेटर नोएडा से भूमि आवंटन को चुनौती
लखनऊ . इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने ग्रेटर नोएडा द्वारा एक लाख वर्ग मीटर से अधिक भूमि का अधिग्रहण किए बगैर उसे एक निजी कंपनी को आवंटित करने के मामले में यथास्थिति कायम रखने का निर्देश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति आरके अग्रवाल तथा न्यायमूर्ति मुस फे अहमद की खंडपीठ ने किसान सुल्ला और अन्य की याचिका पर दिया है।
अथॉरिटी ने थरारा गांव की 01 लाख 01 हजार 175 वर्ग मीटर भूमि 23 मार्च 2005 को आरसी इन्फोटेम कंपनी को दे दी। एक लाख वर्ग मीटर भूमि का अधिग्रहण नहीं किया गया था। इसकी अधिसूचना बाद में अक्टूबर 2005 में जारी की गई। अधिग्रहण, केवल 75 हजार वर्ग मीटर भूमि का ही किया गया। कंपनी ने पूरी जमीन हथिया ली जिस पर रेस्टोरेंट और मॉल आदि का निर्माण किया जा रहा है। याचिका में आवंटन आदेश व पट्टे की वैधता को चुनौती दी गई है। न्यायालय ने यथास्थिति कायम रखने का आदेश देते हुए जवाब मांगा है।






