वाराणसी. वर्ष 1945 में जनपद के लोहता गांव में अंग्रेजों ने गांव वालों को भड़काकर सांप्रदायिक दंगा करा दिया। इसके बाद अंग्रेजों ने फरमान सुनाया कि गांव का कोई भी मुसलमान गांव में बने सबुआ के तालाब का पानी भी नहीं छुएगा। अपने फरमान को एक पत्थर पर लिखवाकर अंग्रेजों ने उसे वहीं तालाब के किनारे लगा दिया। 35 हजार की इस आबादी वाले इस गांव में सबुआ के तालाब पर सन 1945 के बाद वर्ष 2013 तक गांव का कोई मुसलमान नहीं गया है। ग्रामीणों के मुताबिक अंग्रेजों ने तालाब में स्नान को लेकर दंगा कराया था।