आयोग ने यूपी में कांग्रेस को दिया फिर एक झटका!
Source: एजेंसी | Last Updated 10:26(10/02/12)
नई दिल्ली। चुनाव आयोग ने अल्पसंख्यकों के लिए कोटा संबंधी बयान के लिए केंद्रीय विधि मंत्री सलमान खुर्शीद को आचार संहिता के उल्लंघन का दोषी माना है। इसके लिए आयोग ने उनकी कड़ी निंदा की है। साथ ही उम्मीद जताई कि खुर्शीद भविष्य में आचार संहिता का फिर उल्लंघन नहीं करेंगे।
मुख्य चुनाव आयुक्त एसवाई कुरैशी ने सहयोगी दोनों आयुक्तों वीएस संपथ और एचएस ब्रह्मा के साथ मिल कर 15 पन्ने में दिए फैसले को गुरुवार को सार्वजनिक किया। आयोग ने इसके लिए खुर्शीद को कड़ी फटकार लगाई है कि उन्होंने केंद्रीय विधि मंत्री होते हुए निंदनीय मिसाल पेश की।
खुर्शीद ने फर्रुखाबाद में 10 जनवरी को अपनी पत्नी की चुनावी सभा में आश्वासन दिया था कि कांग्रेस उत्तर प्रदेश में सत्ता में आई तो अल्पसंख्यकों को अन्य पिछड़े तबकों के कोटे में नौ प्रतिशत आरक्षण देगी। भाजपा ने उनके इस आश्वासन को आदर्श चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन बताते हुए आयोग से शिकायत की थी।
आयोग ने भाजपा की शिकायत पर खुर्शीद को नोटिस जारी कर पूछा था कि क्यों नहीं उनके खिलाफ आचार संहिता उल्लंघन के मामले में कार्रवाई की जाए। खुर्शीद की तरफ से कांग्रेस के प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी और भाजपा की ओर से उसके महासचिव रविशंकर प्रसाद ने आयोग के सामने दलीलें पेश की थीं।
भाजपा ने किया स्वागत
चुनाव आयोग के निर्णय का भाजपा ने स्वागत किया है। भाजपा महासचिव रविशंकर प्रसाद ने कहा कि खुर्शीद कांग्रेस के नेता ही नहीं बल्किकेंद्रीय मंत्री भी हैं। ऐसे में उन्होंने जिस तरह से चुनावों के दौरान अल्पसंख्यकों को अन्य पिछड़ा वर्ग के कोटे में से नौ प्रतिशत आरक्षण देने की घोषणा की, उसका सीधा मतलब वोटरों को लुभाना ही है।
कांग्रेस की सतर्क प्रतिक्रिया
चुनाव आयोग के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस महासचिव जनार्दन द्बिवेदी ने कहा, ‘सलमान खुर्शीद ने कथित तौर पर कुछ कहा। उस पर चुनाव आयोग ने टिप्पणी की। अब यह मामला बंद हो गया है।’