नौ साल में पूरा हुए ग्रेटर नोएडा आगरा एक्सप्रेस वे का उदघाटन नौ अगस्त को
लखनऊ । 2003 से बन रहे और अतिविवादित 165.5 किमी लंबे ग्रेटर नोएडा से आगरा यमुना एक्सप्रेसवे का हाईटेक उदघाटना नौ अगस्त को होगा। एक्सप्रेस वे को पूरा होने भी नौ साल लगे है। सीएम अखिलेश यादव अपने सरकारी आवास से यमुना एक्सप्रेस वे का उद्घाटन करेंगे। उदघाटन के लिए वीडियो कान्फ्रेंसिंग का सहारा लिया जाएगा। सीएम के बटन दबाते ही ग्रेटर नोएडा में कार्य स्थल पर मौजूद लोग लखनऊ में उद्घाटन कार्यक्रम की गतिविधियां देख सकेंगे। ग्रेटर नोएडा में एक्सप्रेस वे का गेट खोला जाएगा। उदघाटन के लिए ग्रेटर नोएडा में स्थानीय सांसद, विधायक, यमुना एक्सप्रेस वे प्राधिकरण और डेवलपर संस्था के अधिकारी मौजूद रहेंगे।
मंगलवार को यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण ने सब्सटैंशियल क प्लीशन सर्टिफिकेट जारी कर दिया है। अभी टोल टैक्स की दरों पर अंतिम फैसला होना बाकी है। एक्सप्रेस वे के लिए प्रस्तावित टोल टैक्स की दरों पर न्याय विभाग से परामर्श मांगा गया है जिस पर बुधवार तक फैसला होने की संभावना है। एक्सप्रेस वे के निर्माण के लिए यूपी सरकार ने 2003 में जेपी समूह से करार किया था। समझौते के मुताबिक विकासकर्ता को यमुना एक्सप्रेसवे पर टोल टैक्स की वसूली करने के साथ नोएडा और ग्रेटर नोएडा के बीच बने एक्सप्रेसवे पर भी टोल टैक्स वसूलेने का हक दिया गया था। जबकि नोएडा और ग्रेटर नोएडा के बीच एक्सप्रेसवे का निर्माण सरकार ने कराया है। तत्कालीन मायावती सरकार में हुए इस करार पर प्रदेश की सपा सरकार सहमत नही है।
राज्य के अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त अनिल कुमार गुप्ता ने बताया कि जेपी समूह ने शासन को लिखित आश्वासन दिया है कि वह नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर न तो कोई टोल टैक्स वसूलेगा और न ही भविष्य में इसकी भरपाई की मांग करेगा। उन्होंने बताया कि यमुना एक्सप्रेसवे प्राधिकरण ने एक्सप्रेसवे के लिए सब्सटैंशियल कंप्लीशन सर्टिफिकेट जारी कर दिया है। यह सर्टिफिकेट इस शर्त के साथ जारी किया जाता है कि एक्सप्रेसवे से जुड़े जो भी छोटे-मोटे काम रह गए हैं। उन्हें छह महीने में पूरा कर दे। यमुना एक्सप्रेसवे पर टोल टैक्स की दरें न्याय विभाग को परामर्श के लिए भेजी गई हैं। न्याय विभाग के अनुमोदन के बाद सीएम को उसे मंजूरी देगें। इसके बाद ही टोल टैक्स की दरें जारी की जाएंगी। संभावना है कि इस औपचारिकता को बुधवार को पूरा कर लिया जाएगा। गौरतलब है कि जिस समय यह परियोजना शुरू हुई थी इसका नाम ताज एक्सप्रेस वे था।
यमुना एक्सप्रेस वे परियोजना पर टिप्पणी करते हुए बीजेपी प्रवक्ता हृदयनरायण दीक्षित ने कहा कि यह एक्सप्रेस वे उप्र के विकास का आईना है जिसमें प्रदेश की सपा व बसपा सरकार के कामकाज का चेहरा दिखाई देता है निजी व सरकारी भागीदारी के बावजूद 165 किलोमीटर की सड़क बनने में पूरे नौ साल लग गए।






