बलिया. पूर्वांचल के इस जिले की होनहार पैरामेडिकल छात्रा 'दामिनी' के साथ
दिल्ली में चलती बस में हुए गैंग रेप और फिर सिंगापुर के अस्पताल में उसकी मौत ने पूरे देश को झकझोर डाला है। पर क्या आप जानते हैं कि उसका पुश्तैनी गांव 21वीं सदी में विकास की राह देख रहा है। गांव की तरफ जाने वाली सड़क बदहाल है। खुली और बजबजाती नालियां भी खतरनाक हैं। गुरुवार को इस बदहाली के शिकार राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव भी बन गए।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक़ 'दामिनी' के परिवार से मिलने गांव पहुंचे लालू जब गलियों से गुज़र रहे थे, तभी उनका पांव एक खुली नाली में पड़ा और वह मुंह के बल गिरते-गिरते बचे। दामिनी की शहादत के बाद चर्चा में आए बलिया के इस पिछड़े गांव को विकास की उम्मीद दिख रही है। गांव के लोगों को लग रहा है कि उसकी शहादत गांव की किस्मत बदल सकती है। देश-प्रदेश से आने वाले बड़े नेताओं को गांव की हालत नजर आएगी और विकास की बयार चल पड़ेगी।