बलिया. पूर्वी यूपी के बलिया जिले का एक गांव ऐसा भी है जहां की महिलाओं को इस बात का मलाल है की इस देश में बलात्कार और ह्त्या जैसे अपराधों के खिलाफ तालिबानी क़ानून नहीं है। यह गांव कोई और नहीं बल्कि दिल्ली के गैंग रैप की शिकार हुई देश की लाडली दामिनी का पुश्तैनी गांव है।
दामिनी के पुश्तैनी मकान में एक कमरे में चुपचाप बैठी है दामिनी की 80-वर्षीय दादी, जो अब भी पूरी तरह इस बात का विश्वास नहीं कर पायी है की उसकी लाडली फिर कभी लौट कर उसे आजी कहने नहीं आएगी।
दादी को अब भी पूरा भरोसा है कि उनकी पोती वापस आएगी। जब भी उनसे उन दरिंदों को फांसी की सज़ा की देश में उठ रही मांग के बारे में पूछा जाता तो उनका जवाब सिर्फ यही होता है, 'ओकरा सब के सज़ा हम देब (मै दूंगी उन सभी को सज़ा)'.
तस्वीरों के जरिए जानिए क्या कहते हैं दामिनी के सगे-संबंधी...