वाराणसी. मोक्षदायिनी मां गंगा में हुए शाही स्नान के बाद गंगा को लेकर रिसर्च कर रहे जानकार इस बात को लेकर खासे परेशान हैं कि गंगा में पांच तरह के साइड इफेक्ट स्नान के बाद तेजी से बढ़े हैं। ये सूचकांक मां गंगा के लिये खतरे की घंटी है। 14 जनवरी को महाकुंभ के पहले दिन इलाहाबाद, वाराणसी समेत कई धार्मिक नगरी में आस्था की डुबकी करोड़ों लोगों ने लगाई। केवल इलाहाबाद में ही स्नान करने वाले श्रद्धालुओं का आंकड़ा एक करोड़ के पार कर गया। जानकारों की माने तो गंगा में पांच चीजें तेजी से बढ़ी हैं जो खतरनाक हैं। बीएचयू के बॉटनी डिपार्टमेंट के प्रोफेसर और गंगा बेसिन अथॉरिटी भारत सरकार के प्रमुख साइंटिस्ट बीडी त्रिपाठी ने पांचों साइड इफेक्ट्स को अलग अलग बताया।
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