वाराणसी. सृष्टि का विनाश दुनिया भर में लोगों के बीच कौतुहल का विषय बना हुआ है। माया कैलेंडर के हिसाब से 12 दिसंबर 2012 को महाप्रलय आएगा, जिसमें समूची सृष्टि का महाविनाश हो जाएगा। लेकिन भारतीय शास्तों-पुराणों में वर्णित संकेतों के आधार पर इस बात को नकारा गया है। पर सबसे दिलचस्प बात यह है कि महाविनाश से पहले कैसे संकेत मिलेंगे।
विश्व भर के साइंटिस्ट इस राज का पता लगाने में जुटे हुए हैं। देश की प्राचीनतम नगरी काशी के ज्योतिषाचार्यों ने सृष्टि के विनाश के पहले के कुछ प्रमुख संकेत बताये हैं।
बीएचयू ज्योतिष विभाग के प्रो. सुभाष पाण्डेय के मुताबिक, महाप्रलय का मतलब पूरी धरती जलमग्न हो जाएगी। पृथ्वी पर सबसे पहली उत्पत्ति मछली की मानी जाती है। सबसे पहले इसका संकेत जलीय जीवों को मिलेगा। ज्योतिष के संहित स्कंद के अनुसार श्वान चेष्टा, अश्व चेष्टा, पिपलिका चेष्टा, काक चेष्टा से पृथ्वी के क्षरण का पता चलेगा।
ज्योतिष के मुताबिक महाविनाश से पहले मिलेंगे ये पांच संकेत...