ग्राउंड रिपोर्ट : रॉबर्ट व्यापार में खुश हैं नहीं लड़ेंगे चुनाव
Source: शरद गुप्ता | Last Updated 09:43(07/02/12)
अमेठी। गांधी परिवार की परंपरागत क्षेत्र में कांग्रेस की लाज बचाने सोमवार को प्रियंका गांधी के साथ चुनाव प्रचार में उनके पति राबर्ट वाड्रा और बेटी मिराया भी उतरे। उन्होंने मुंशीगंज के आसपास गांवों में मोटरसाइकिल रैली निकाली। सलोन विधानसभा सीट पर कांग्रेस के प्रत्याशी के पक्ष में एक सभा भी संबोधित की। सभा में उनके साथ मिराया भी थीं।
यह पहली बार है जब राबर्ट ने चुनाव प्रचार किया। इससे पहले उनकी भूमिका प्रचार में केवल प्रियंका की गाड़ी ड्राइव करने की होती थी। उन्होंने सक्रिय राजनीति में उतरने के संकेत भी दिए। हालांकि कुछ ही घंटों बाद प्रियंका ने साफ कर दिया कि वाड्रा चुनाव नहीं लड़ेंगे। वे अपने व्यापार में खुश हैं। मैं उनकी पत्नी होने के नाते बेहतर जानती हूं कि वे क्या करना चाहते हैं और क्या नहीं।
प्रियंका पिछले चार दिनों से रायबरेली, अमेठी और सुल्तानपुर जिलों में कांग्रेस प्रत्याशियों के पक्ष में प्रचार में जुटी हैं। सोमवार को उन्होंने अमेठी से कांग्रेस प्रत्याशी अमिता सिंह के पक्ष में 20 नुक्कड़ सभाएं संबोधित कीं। वर्तमान विधायक अमिता के पति संजय सिंह अमेठी की पूर्व रियासत के राजा और स्थानीय सांसद भी हैं।
रामगंज बाजार की सभा में प्रियंका बेफिक्र अंदाज में दिखीं। जब तक अमिता ने भाषण खत्म किया वे पैर पर पैर रखकर बैठी थीं। बीच-बीच में मुस्कुराहट और हाथ हिलाकर लोगों का अभिवादन। वे भाषण नहीं देतीं। सीधा संवाद करती हैं। कांग्रेस 22 सालों से प्रदेश की सत्ता से बाहर रही है। क्षेत्र का विकास प्रभावित हुआ है।
वे पूछती हैं - आपने क्या किया? वे लोगों को वोट का महत्व बताती हैं। आपका अधिकार केवल विधायक और सांसद चुनना नहीं बल्कि उनसे जवाब मांगना भी है। अगर जवाब न मिले तो चुनाव में उन्हें सबक सिखाना। लेकिन आपने कभी धर्म तो कभी जाति के नाम पर वोट दिए। शुद्ध हिंदी में बात करती हैं। अंग्रेजी का एक शब्द भी उनके भाषण में नहीं आता।
कहती हैं - चुनाव में वोट के रूप में आप अपनी शक्ति अपने प्रतिनिधि को देते हैं। फिर शक्ति पाने वाला देने वाले को भूल जाता है। आपकी शक्ति को आपसे कोई छीन नहीं सकता। बस आपको अपने अधिकार के प्रति जागरूक बनना होगा। उनसे जनता के साथ संवाद के बीच अगर कुछ आड़े आता है तो वह है उनका सुरक्षा चक्र। लेकिन फिर भी वे लोगों को खुश कर ही लेती हैं। जैसे ही गाड़ी चलती है वह फुटबोर्ड पर खड़े होकर हाथ हिलाती हैं।
रामगंज में एलआईसी एजेंट राजेंद्र सिंह कहते हैं - अमिता की हालत ठीक नहीं थी। भाजपा ने रश्मि सिंह को टिकट देकर खतरा पैदा कर दिया था। लेकिन प्रियंका ने उनकी जीत पक्की कर दी।