पश्चिमी यूपी में हाईकोर्ट बेंच की मांग को लेकर अधिवक्ता आंदोलित
लखनऊ . पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हाईकोर्ट बैंच की मांग को लेकर बुधवार को कई जिलों के अधिवक्ता आन्दोलन पर रहे। अधिवक्ता उप्र के संसदीय कार्यमंत्री आजम खां के उस बयान से नाराज है जिसमें उन्होने कहा था कि पश्चिमी उप्र में हाईकोर्ट की बेंच कहा बने इस पर विवाद है।यह बयान उन्होने विधानसभा में भाजपा विधायक सुरेश खन्ना के सवाल पर सोमवार को दिया था।
पूरक प्रश्न के उत्तर में उन्होने कहा कि बेंच की स्थापना का अधिकार केन्द्र सरकार के पास है। वैसे पश्चिमी उप्र में बेंच की सथापना के लिए सबसे अच्छा स्थान रामपुर है। जहां सिविल लाइन इलाके में 300 एकड़ जमीन व विशाल महल मौजूद है। जिसमें रंग रोगन कर बेंच का कामकाज शुरू किया जा सकता है।इलाहाबाद उच्च न्यायालय की खंडपीठ को लेकर संसदीय कार्य मंत्री के बयान की मेरठ के अधिवक्ता नाराज हो गए। मेरठ के वकील बुधवार को हड़ताल पर रहे। इसके पहले केंद्रीय संघर्ष समिति कहा गया कि पश्चिमी उप्र में हाईकोर्ट बेंच की मांग का आदोलन लंबे समय से चला आ रहा है। इसमें स्थान को लेकर कभी कोई विवाद नही रहा है। संसदीय कार्य मंत्री आजम खां रामपुर को उचित स्थान बताकर वकीलों के आंदोलन को विफल एवं कमजोर करना चाहते हैं जिसका केंद्रीय संघर्ष समिति विरोध करती है।






