विज्ञापन
 
Home >> Uttar Pradesh >> News >> It's The Name Of The Village, Were Ashamed To Tell

ये लोग अपने गांव का नाम लड़कियों को नहीं बताते

dainikbhaskar.com | Jul 02, 2012, 10:20AM IST
 
 


मिर्जापुर। कभी सोचा है आपने की आपको अपना परिचय बताने में शर्म लगने लगे तो कितनी दिक्कत होगी। कोई आपसे पूछे कि आपके गांव का नाम क्या है, तो आपको कहीं यह डर न सताने लगे कि यार, बताया तो कहीं डांट न पड़ जाए। ऐसी दिक्कतों से दो-चार अक्सर होते हैं यूपी के कुछ गांवों के निवासी।


अगर गाली जैसा किसी गांव का नाम हो तो वहां के लोगों की मन: स्थिति क्या होगी, इसे स्वत: ही समझा जा सकता है। अमूमन लोगों को अपने गांव का नाम बताने में गर्व होता है, लेकिन विंध्य क्षेत्र के आंचल में बसे मिर्जापुर जनपद में कई गांव ऐसे हैं जहां के वाशिंदों को अपने गांव का नाम बताने में शर्म आती है। क्या करें, उनके गांव का नाम है ही इतना भद्दा कि बोलने पर गाली जैसे भाव निकलते हैं। लोग शर्मवश किसी महिला को गांव का नाम बताते ही नहीं हैं। जिले के लोगों को विंध्य क्षेत्र का निवासी होने का गर्व है, लेकिन वे अपने गांव का नाम लेना नहीं चाहते हैं। गांव के लोग अपने गांव का नाम बदलवाना चाहते हैं।


जनपद मुख्यालय से करीब 80 किलोमीटर दूर आदिवासी बहुल हलिया विकास खंड के घने जंगलों के बीच स्थित है एक गांव मुड़पेली। कहते हैं कि इस गांव के लोग नई दिल्ली, गुजरात, सूरत, मुंबई एवं लखनऊ में अच्छे-अच्छे पदों पर हैं। यहां पर गांव के ही समाजसेवियों के प्रयास से एक अच्छा स्कूल भी चल रहा है लेकिन जब बात गांव के नाम की आती है तो उनका मन खिन्न हो जाता है। हाई सोसाइटी में यहां के वाशिंदे अपने गांव का नाम लेने से ही कतराते हैं। गांव सभा निवासी जटाशंकर का कहना है कि गांव का नाम बदलवाने का कई बार प्रयास किया गया, लेकिन यह प्रक्रिया इतनी जटिल है कि सफलता नहीं मिली।


 
दूसरा नाम है पटेहरा विकास खंड का गोड़टूटवां गांव। यहां के लोग इसके लिए अपने बुजुर्गों को कोसते हैं। गांव सभा निवासी दयालु का कहना है कि सुबह-सुबह अथवा शुभ घड़ी पर गांव का नाम लेने पर अपशकुन का भाव मन में आने लगता है। इसी प्रकार जनपद मुख्यालय से महज तीन किलोमीटर दूर स्थित सिटी विकास खंड का मुंहकुचवां, कोन विकास खंड का गड़गेड़ी, मझवां विकास खंड का भैंसा गांव, पहाड़ी विकास खण्ड का भोसड़ौल, सिटी ब्लाक में एक गांव है लेड़ु वहां के वाशिंदों को ये नाम शर्मसार कर रहे हैं। कहीं पर गांव का नाम बोलने के पहले लोगों को एक बार ठिठक जाना पड़ता है। गांव वालों की इच्छा है कि उनके गांव का नाम बदल दिया जाय। कई बार इसकी मांग भी उठी, लेकिन मामला प्रशासनिक स्तर पर जाकर लटक जा रहा है।


राजस्व परिषद से बदल सकता है गांव का नाम
अपर जिला मैजिस्ट्रेट भू-राजस्व अनिल कुमार पांडेय भी कहते हैं कि इन गांवों का नाम बड़ा खराब है। एक बार यदि किसी से कहा जाय कि मुड़पेली चलना है तो वह भी हैरत में पड़ जायेगा। उन्होंने कहा कि गांवों का नाम बदल सकता है। उसका प्रस्ताव भूमि प्रबंध समिति से पास कराना होगा। उसके बाद एसडीएम की उस पर मुहर लगती है। प्रस्ताव राजस्व परिषद को भेजा जाता है। उन्होंने कहा कि गाजीपुर में उन्होंने एक गांव का नाम बदलवाया था। इसके लिए गांव के लोगों को प्रयास करना होगा।

PHOTOS:'यहां' आने के लिए तड़पती है हर चीनी और जापानी की 'आत्मा'!VEDEO:'पूर्वजन्म' या फिर 'प्रेम': यकीनन इस वीडियो भौंचक्के रह जाएंगे!इस शख्स की दर्दनाक दास्तां: बनना चाहता है राष्ट्रपति, क्योंकि...

 

 
 
 

आपके विचार
 
 
कोड:
2 + 5

 
Ad Link
विज्ञापन
विज्ञापन
 
 
 
 
Sabse Bada Match Fixer Contest
 
 

बड़ी खबरें

रोचक खबरें

विज्ञापन

बॉलीवुड

जीवन मंत्र

क्रिकेट

बिज़नेस

जोक्स

पसंदीदा खबरें

Email Print Comment
Email Print Comment