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साढ़े तीन घंटे तक थाने में छटपटाती रही खून से सनी यह दामिनी
Sanmay Prakash
| Jan 09, 2013, 09:37AM IST

आगरा/फिरोजाबाद. इलाज करवाने की बजाए फिरोजाबाद के नारखी थाने की पुलिस ने इस दामिनी के साथ बलात्कारियों जैसा व्यवहार किया। वह खून से लतपथ थाने में छटपटाती रही और पुलिसकर्मी अपने ‘थानेदार’ कर इंतजार करते रहे। साढ़े तीन घंटे बीत गए, पुलिस न रिपोर्ट लिखने को तैयार थी और न इलाज के लिए उसे अस्पताल भेजने को। नजारा देख सब्र टूटा तो ग्रामीणों ने थाने में हंगामा किया। इसके बाद थानेदार (सीओ) आए और इस नाबालिग दामिनी को अस्पताल में भर्ती करवाया गया।
नारखी थाना फिरोजाबाद मुख्यालय से करीब 19 किलोमीटर दूर है। थाने के करीब के एक गांव में 15 साल की किशोरी दोपहर 12 बजे खेत में बंधी बकरी लाने गई। तभी गांव के एक युवक ने पकड़ लिया। वह जबरन उसे खींचकर खंडहर पड़े एक मकान में ले गया। यहां इस नाबालिग के साथ दरिंदगी हुई। दो घंटे बाद परिवार वाले ढूंढने निकले। पिता खंडहर मकान में पहुंचा तो बेटी हालत देखकर उनके होश उड़ गए। बेटी खून से लतपथ हालत में जमीन पर बेहोश पड़ी थी।
बेहाशी की हालत में किशोरी को लेकर ग्रामीण नारखी थाना पहुंचे। उन्होंने पुलिस को घटना की जानकारी दी। ग्राम प्रधान समीद खान ने बताया कि कुछ देर तक पुलिस टालती रही। जब दबाव डाला गया तो पुलिसकर्मियों ने बताया कि सीओ आएंगे तब कार्रवाई होगी। इधर, बलात्कार से बेहाल किशोरी को होश आ गया। खून से लतपथ किशोरी मां की गोद में रोती-छटपटाती रही। पुलिस यह सब देखते रहे। अस्पताल तो 19 किलोमीटर दूर फिरोजाबाद शहर में है, इसलिए ग्रामीण इंतजार करते रहे। पुलिस ने यह भी नहीं बताया कि सीनियर अफसर सीओ को आने में देर लगेगी।
साढ़े तीन घंटे बाद ग्रामीणों ने हंगामा कर दिया। शाम करीब 5.30 बजे सीओ थाने पहुंचे। तब किशोरी को उपचार के लिए भेजा गया। घटना के संबंध में किशोरी के पिता ने गांव के ही चरन सिंह के खिलाफ दुराचार की तहरीर दी है। अस्पताल में उसका मेडिकल जांच हुआ। ग्रामीण रामेश्वर का कहना था कि पुलिस का रवैया देखकर ऐसा लगा, मानो लड़की ने ही अपराध किया हो। पुलिस मामले को टाल रही थी।
इस मामले पर फिरोजाबाद की एसपी अपर्णा कुमार का कहना है कि ग्रामीण झूठ बोल रहे हैं। रेप पीडि़त किशोरी को थाने में रोककर नहीं रखा गया। उन्होंने बताया कि वह अवकाश पर हैं और जैसे ही घटना की सूचना मिली, उन्होंने थाना पुलिस को कार्रवाई करने को कहा।







