लखनऊ . यूपी की अखिलेश यादव सरकार पर ‘अंकल सिंड्रोम’ असर दिखा रहा है। मुख्यमंत्री अखिलेश न सिर्फ जनता की कसौटी पर है बल्कि पार्टी नेता भी उनका इम्तहान ले रहें है। मौके बे मौके मुख्यमंत्री की कैबिनेट के मंत्रियों के साथ पार्टी के वरिष्ठ नेता भी सरकार के सामने मुश्किल खड़ी कर रहें है। जिससे सबसे युवा मुख्यमंत्री की 120 दिन की सरकार की छवि चमकने के बजाए धुंधला रही है।
मुख्यमंत्री अखिलेश व उनकी सरकार के कामकाज पर राष्ट्रीय महासचिव और राज्यसभा सांसद मोहन सिंह के बयान के बाद पूरी पार्टी सन्न है। राष्ट्रीय महासचिव की टिप्पणी के बाद पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता को बताना पड़ रहा है कि मुख्यमंत्री अनुभवहीन नहीं है बल्कि राजनीतिक रूप से परिपक्व है।