कोलकाता/नई दिल्ली. कोलकाता की दमदम जेल ने कैदियों को यातना देने के मामले में अबू गरीब जेल को भी पीछे छोड़ दिया है। जेल प्रशासन ने वहां बंद बिक्रम महतो नाम के कैदी पर इस कदर जुल्म ढाया कि उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था। इतना ही नहीं, उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की धज्जियां उड़ाते हुए बिक्रम को जेल के अंदर हथकड़ी लगाकर रखा। उसका जुर्म बस इतना था कि उसने जेल में बंद कैदियों को दिए जाने वाले खराब भोजन का विरोध किया था।
यह सनसनीखेज खुलासा किया है बिक्रम की बहन रूपा महतो ने। रूपा का कहना है कि 13 फरवरी को बिक्रम ने जेल प्रशासन के खराब खाने का विरोध किया था। उसने आरोप लगाया है कि जेलर वीके सिंह की अगुआई में सुरक्षाकर्मियों ने बिक्रम को नंगा कर बुरी तरह पीटा और उसे हथकड़ी लगाकर जेल में रखा। उसने यह भी कहा कि वह 14 फरवरी को बिक्रम से मिलने जेल गई थी लेकिन जेल प्रशासन ने उसे मिलाने से मना कर दिया। उसने बताया कि जेल प्रशासन ने उससे कहा कि वह दो दिनों तक उससे नहीं मिल सकती है क्योंकि वह बीमार है। उधर, आईजी (जेल) रणवीर कुमार ने इस प्रकार की घटना की जानकारी होने से इंकार किया है।
पिछले साल सितंबर में भी बिक्रम को प्रताड़ित किया गया था क्योंकि उसने जेल प्रशासन के खराब भोजन का विरोध किया था। उस समय जेलकर्मियों ने जबरदस्ती उसे ब्लीचिंग पाउडर का घोल पिलाया था। बाद में जेल प्रशासन को उसे आरजी कार हॉस्पिटल में भर्ती कराना पड़ा था।
बिक्रम इच्छापुर का निवासी है और हत्या के मामले में दमदम जेल में एक साल से बंद है। अदालत में अभी मामले की सुनवाई चल रही है।
गौरतलब है कि इराक युद्ध के दौरान बगदाद स्थित अबू गरीब जेल में कैदियों को बुरी तरह प्रताड़ित किया गया था जो 2004 की शुरूआत में लोगों के सामने आया। इसकी अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर आलोचना हुई थी। मानवाधिकार संगठनों ने कैदियों की प्रताड़ना के लिए अमेरिका को जिम्मेदार ठहराया था और उसके खिलाफ प्रदर्शन किए थे। अब दमदम जेल में बिक्रम के साथ हुई घटना भी उस दरिंदगी की याद दिला रही है।
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