वृंदावन की विधवाओं का अजीब है हाल, सुनकर रो पड़ेंगे आप
सुप्रीम कोर्ट ने वृंदावन में विधवाओं की दयनीय स्थिति के प्रति राष्ट्रीय महिला आयोग व यूपी महिला आयोग के उदासीन रवैये के लिए दोनों की कड़ी आलोचना की है। कोर्ट ने राज्य सरकार को इन महिलाओं को खाना और रहने के लिए स्वच्छ वातावरण मुहैया कराने का निर्देश दिया है।
जज डीके जैन और जज मदन बी लोकुर की खंडपीठ ने वृंदावन की विधवाओं की स्थिति को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान शुक्रवार को राष्ट्रीय महिला आयोग और प्रदेश महिला आयोग को दो सप्ताह के भीतर मामले में हलफ नामा दाखिल करने का आदेश दिया। हलफनामे में राज्य सरकार को दयनीत स्थिति में जीवन बसर कर रही वृंदावन की इन विधवाओं की स्थिति सुधारने के लिए अब तक किए गए उपायों और भावी प्रस्तावों का विवरण देना होगा। कोर्ट ने इन विधवाओं को चिकित्सा सुविधाएं मुहैया कराने का निर्देश भी राज्य सरकार को दिया है। कोर्ट ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देश दिया कि वह सुनिश्चित करें कि सप्ताह में कम से कम दो बार चिकित्सकों का दल इन विधवाओं के सदन में जाएगा। कोर्ट ने इस मामले में यूपी सरकार के वकील का बयान भी दर्ज किया। राज्य सरकार के वकील ने कोर्ट को भरोसा दिलाया कि राज्य परिवीक्षा अधिकार और समाज कल्याण अधिकारी की समिति विधवाओं के रहने के स्थान पर भोजन और पीने के पानी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करेगी।






