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यहां आज भी भटकती है 'अंग्रेज' गवर्नर की आत्मा!

 
Source: dainikbhaskar.com   |   Last Updated 09:32(06/02/12)
 
 
 
 
गाजीपुर। यूपी के वाराणसी से करीब 70 किमी. दूर स्थित गाजीपुर अपनी प्राचीन विरासत को आज भी संजोए हुए है| इसका प्राचीन नाम गधिपुर था जो 1330 में मुस्लिम शासक गाज़ी मालिक के सम्मान में गाज़ीपुर कर दिया गया। यहां 1820 में अंग्रेजों द्वारा विश्व का सबसे बड़ा अफीम का कारखाना स्थापित किया गया था। अंग्रेज यहां से बड़े पैमाने पर अफीम का कारोबार करते थे। इसीलिए गाजीपुर को अधिक महत्व देते थे।

यहां से जुड़ा रोचक तथ्य यह है कि तत्कालिन भारत में दो बार ब्रिटिश गवर्नर जनरल रह चुके लॉर्ड कार्नवालिस की मृत्यु यहीं पर हुई थी। उनको यही दफन किया गया था। इंग्लैंड-भारत के संयुक्त इतिहास में आज भी इस जगह का बहुत ही अधिक महत्व है। वैदिक काल में यहां के घने जंगलों कई संतों के आश्रम थे। रामायण में इस बात का विधिवत जिक्र है।

कौन था कार्नवालिस

लार्ड कार्नवालिस को एक महान प्रशासक के रूप में जाना जाता है। ब्रिटिश काल के दौरान इसे भारत के गवर्नर जनरल के रूप में दो बार नियुक्त किया गया था। राजस्व सुधारों की दिशा में इनके बहुमूल्य योगदान को आज भी याद किया जाता है।

कार्नवालिस को न्यायपालिका के सुधारों के लिए भी याद किया जाता है। इससे सबसे पहले कलकत्ता में सुप्रीम कोर्ट की स्थापना की थी। साथ ही जिला जज और जिलाधिकारी के कार्यों को अलग किया था। इसे द्वितीय मैसूर युद्ध के दौरान ब्रिटिश सेना का सफल संचालन किया था।

लार्ड कार्नवालिस के प्रयासों के फलस्वरुप ही लोकसेवा का उदय हुआ था। यही वजह है कि उनको 'भारत में लोकसेवा का जनक' कहा जाता है।
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
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