आगरा. मेथी, आंवला और बेल तो आप खूब चाव से खाते होंगे। लेकिन अब आप इसके बेशकीमती गुण भी जान लीजिए। इन तीनों में रेडियोएप्रोटेक्टिव तत्व हैं। मतलब कि परमाणु रेडिएशन से बचाने साधन। फिलहाल इसका उपयोग की सार्थकता कीमोथैरेपी और रेडियोथैरेपी के रेडिएशन से फ्रेंडली सेल्स को बचाने में साबित हुआ है। यह रिसर्च किया है यूनिवर्सिटी ऑफ राजस्थान के डॉ. पीके गोयल ने। अब आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज में मरीजों पर इस पौधे का उपयोग शुरू होने जा रहा है।