लखनऊ. उत्तर प्रदेश की जनता ने अपने जन प्रतिनिधि को अपनी भलाई के लिए संसद तो भेज दिया पर अब इन्हीं जनप्रतिनिधियो की जेब से भलाई के लिए दिया जाने वाला जनता का पैसा नहीं निकल रहा है। इन कंजूस सांसदों ने कंजूसी की सारी हदें पार करते हुए अब तक के करीब 4 साल के शासनकाल मे मिली सांसद निधि का एक तिहाई हिस्सा ही अपनी जनता के विकास के लिए खर्च किया है।
तस्वीरों में देखिए कौन हैं वो टॉप फाइव महाकंजूस सांसद, जिन्होंने जो सरकार की तरफ से क्षेत्र के विकास को मिलने वाले 14 करोड़ रुपये नहीं खर्च किए हैं।