Exclusive: मरे हुए दरोगाओं को प्रमोशन देने जा रही यूपी पुलिस

लखनऊ. उत्तर प्रदेश पुलिस में कई सालों तक रुकी रही प्रमोशन प्रक्रिया तेजी से चल रही है। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश शासन ने गुरुवार को 122 पुलिस निरीक्षकों, प्रतिसार निरीक्षकों एवं कम्पनी कमाण्डरों को अस्थायी रूप से प्रमोशन दे दिया है। दैनिक भास्कर डॉट कॉम की इन्वेस्टिगेशन में पता चला है कि डीजीपी मुख्यालय से कार्मिक विभाग से जिन पुलिसकर्मियों की लिस्ट प्रमोशन के लिए भेजी गई, उनमें रिटायर्ड और मृत के नाम भी भेज दिए गए हैं।
बात इतनी ही नहीं, डेटा इंट्री में भी करीब 7000 दरोगाओं की अधूरी जानकारी दी गई है। जिसके कारण उनकी तैनाती कहां है इसकी जानकारी नहीं हो पा रही है। कार्मिक विभाग के अफसर इस लिस्ट से खफा हैं और इन्हें दोबारा सुधारने के आदेश दिए गए हैं।
पुलिस डिपार्टमेंट में कई सालों से प्रमोशन रुकी थी, अब इसे फिर से शुरू किया गया है। इसके तहत कई आईएएस को प्रमोट किया जा चुका है, जबकि 67पीसीएस अफसरों के प्रमोशन की फाइल लोक सेवा आयोग भेजी जा चुकी है। 124 इंस्पेक्टर को सीओ का ओहदा कुछ दिन पहले दिया जा चुका है।
अब दरोगा को इंस्पेक्टर और हेड कांस्टेबल को दरोगा बनने की तैयारी चल रही है। प्रमोशन में ट्रांसपेरेंसी लाने के लिए पिछले दिनों हुई ट्रांसफर पोस्टिंग की तरह कम्प्यूटर साफ्टवेयर का सहारा लिया जा रहा है। इसके लिए सभी सब इंस्पेक्टर्स और कांस्टेबल्स की पर्सनल नम्बर (पीएनओ) के हिसाब से डेटा इंट्री कराई गई। इसमें सीनियारिटी लिस्ट, बैच के मार्क्स, मेडल,पनिशमेंट, कैरेक्टर रोल, एजुकेशन और बैच का ईयर सबमिट करना जरुरी है।
पिछले दिनों पुलिस मुख्यालय से कार्मिक विभाग जो लिस्ट भेजी गई, उसमें डेटा इंट्री लेवल पर खासी कमियां मिली हैं। लिस्ट में कई रिटायर्ड और मृत पुलिसकर्मियों के नाम भी शामिल कर दिए गए हैं। यही नहीं लिस्ट में 7000 दरोगाओं के नाम और पर्सनल नम्बर तो अंकित किये गए लेकिन यह नहीं पता कि उनकी तैनाती कहां है।
डेटा इंट्री में सिर्फ पीएनओ फीड किया गया, बाकी की इंट्रीज ब्लैंक छोड़ दी गई। इसी तरह कांस्टेबल्स की डेटा इंट्री में भी कुछ ऐसी ही खामियां पाई गई हैं। इस संबंध में एक अफसर ने बताया कि लिस्ट में एक दर्जन से ज्यादा मृत पुलिसकर्मियों के अलावा दर्जनों रिटायर्ड पुलिसकर्मियों के नाम शामिल हैं।
एसपी कार्मिक ने सभी डिपार्टमेंटल हेड को लेटर भेज कर सही से डेटा इंट्री करने और मृत हो चुके पुलिस कर्मियों के नाम लिस्ट से हटाने के आदेश दिए हैं। कार्मिक विभाग के पत्र में सभी डेटा अप टू डेट कर30 अक्टूबर तक किसी भी हालत में कार्मिक विभाग को उपलब्ध कराने को कहा है।
इस संबंध में एडीजी टेक्निकल सर्विसेज अरुण कुमार का कहना है कि कार्मिक विभाग ने जो लेटर भेजा है, उससे डाटा इंट्री करने में, जो थोड़ी बहुत कमी रह गई थी वह भी दूर हो जाएगी। ऐसा नहीं है कि पूरे डेटाबेस में खामियां है।
डिस्ट्रिक्ट लेवल पर की गई, इंट्रीज में कुछ फील्ड छूट गये हैं, जिसकी वजह से रिटायर हो चुके पुलिसकर्मियों के नाम भी शो हो रहे हैं। सेंट्रलाइज्ड डेटाबेस में कोई कमी नहीं है। यहां एज डेट ऑफ बर्थ से 60 साल पूरा होते हुए साफ्टवेयर पेंशन के सेक्शन में नाम को डाल देता है।






