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UP LIVE: लूट के साथ ही महिला की हत्या, शिक्षक की पिटाई से छात्र की मौत
dainikbhaskar.com
| Dec 19, 2012, 16:57PM IST
- आगरा के रामबाग इलाके के सुशील नगर में बदमाशों ने एक घर में लूट करने के साथ ही महिला की हत्या कर दी। पुलिस जब पहुंची तो महिला को पलंग के नीचे बंधा और मृत पाया। दिनदहाड़े हुई इस घटना से लोगों में खौफ हो गया है। आगरा में लगातार अपराध का ग्राफ बढ़ रहा है।
- यूपी के सोनभद्र जिले के कोन इलाके में शिक्षक की पिटाई से एक 17 वर्षीय छात्र की मौत। सिर्फ क्लास में बैठने को लेकर छात्र को जमकर पीटा जिस से उसकी हो गयी मौत। आरोपी शिक्षक पुलिस हिरासत में और उसके खिलाफ एससी/एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज।
- वाराणसी के सिगरा इलाके के अमद नगर कालोनी में हथियार बंद बदमाशों ने तलरेजा नामक व्यवसायी को दिन दहाड़े गोली मारी। कालोनी में सनसनी। व्यापारी को घायल अवस्था में निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है ।
- गाजियाबाद में NH-24 पर अज्ञात युवती बेहोश मिली। विजयनगर थाना इलाके का है मामला। बेहोश युवती को पुलिस ने अस्पताल में भर्ती कराया।
कोका कोला के बॉटलर्स के ठिकानों पर इनकम टैक्स ने मारे छापे
लखनऊ. कोका कोला के बॉटलिंग प्लांट संचालक और होटल व रियल एस्टेट कारोबार से जुड़े लधानी समूह के देश भर के ठिकानों पर इनकम टैक्स की दर्जनों टीमों ने छापेमारी की। इस दौरान राजधानी लखनऊ में भी करीब 13 जगह रेड मारी गई। सूत्रों के अनुसार इनकम टैक्स टीमों को इन ठिकानों से फर्जी कंपनियों के जरिए इन्वेस्टमेंट और बड़े पैमाने पर बेनामी संपत्ति का पता चला है। देर रात तक रेड जारी थी। यूपी में लखनऊ के अलावा बाराबंकी, हाथरस, मथुरा, फैजाबाद, बरेली, आगरा में रेड मारी गई। इसके अलावा इनकम टैक्स टीमो ने कोलकाता, बैंगलुरू और दिल्ली सहित पूरे देश में कुछ 35 जगह एक साथ रेड मारी। लखनऊ में 13 ठिकाने जहां रेड मारी गई, उनमें इंदिरानगर, गुडम्बा के साथ गोमतीनगर, आलमबाग, हुसैनगंज, महानगर आदि जगह शामिल हैं। राजधानी के अलावा बाराबंकी, हाथरस, मथुरा, फैजाबाद, बरेली, आगरा, कोलकाता, दिल्ली तथा बेंगलूर स्थित कारोबारी के कुल 35 ठिकानों पर आयकर दस्तों ने मंगलवार सुबह एक साथ जांच शुरू की।
माया के ताज कॉरीडोर मामले में साथ आए केंद्र सरकार और सीबीआई!
लखनऊ. इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने ताज कॉरीडोर मामले में न्यायमूर्ति उमानाथ सिंह व न्यायमूर्ति डा. सतीश चन्द्रा की पीठ के समक्ष याची शचीन्द्र प्रताप सिंह ने राज्यपाल द्वारा पूर्व मुख्यमंत्री मायावती व मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी को अभियोजन स्वीकृति के अभाव में बरी किए जाने को चुनौती दी है। केंद्र सरकार की ओर से एडिशनल सॉलिसिटर जनरल के रावल ने पक्ष रखते हुए कहा कि याचिका ग्राह्य नहीं है। वहीं सीबीआइ की ओर से भी कहा गया कि 5 साल से ज्यादा समय बीत जाने के बाद राज्यपाल के आदेश को चुनौती दी गई है। इस आधार पर याचिका स्वीकार किए जाने योग्य नहीं है।






