बुजुर्गों का दिल 'जवां' करने वाली इस कहानी ने कुछ 'यूं' लगा दी थी आग!

गोरखपुर। पिछले साल रिलीज फिल्म इश्कियां के गाने दिल तो बच्चा है जी...को कौन भूला सकता है। इस फिल्म में नसीरुद्दीन शाह और विद्या बालान की एक्टिंग देखते ही बनती है। पर आपको यह जानकर हैरानी होगी कि इस फिल्म को पूर्वी उत्तर प्रदेश के प्रमुख शहर गोरखपुर की पृष्ठभूमि पर आधारित किया गया= था। गोरखपुर के लोगों का मानना है कि इस फिल्म में जिले की खराब छवि पेश की गई थी। लोगों में इसके प्रति आग भड़क गई थी। फिल्म के निर्माता-निर्देशक विशाल भारद्वाज, अभिषेक चौबे और अभिनेता नसीरुद्दीन शाह पर केस भी दर्ज कराया गया था। पर इटरेस्टिंग बात यह थी कि, इस फिल्म की शूटिंग के दौरान विद्या को यूपी भा गया था। यहां के कल्चर और भाषा को लेकर वह पहले से ही उत्साहित थी। उपर से फैजाबाद की रहने वाले निर्माता अभिषेक चौबे का साथ भी मिला गया था। दोनों खूब मस्ती करते थे।
विद्या गांव वालों के साथ घुलमिल गई थीं। इस फिल्म की कहानी खालूजान, बब्बन और कृष्णा के किरदारों के इर्द- गिर्द लिपटी है। बब्बन और उनके खालू छोटे चोर और उठाईगीर हैं। दोनों मध्यप्रदेश के भगोड़े हैं। वो अपनी जान बचाने के लिए गोरखपुर के पास एक गांव में विधवा कृष्णा के घर में जाकर छिपते हैं। फिर शुरुआत होती है इश्किया की असली कहानी। निर्माता के मुताबिक, यह फिल्म ठेठ देहाती भाषा का स्वाद पैदा करती है जो कि बिना गालियों के अधूरा होता है। इसलिए इसमें बहुत गालियां हैं। हालांकि गोरखपुर के लोगों ने इस पर घोर आपत्ति दर्ज कराई थी। फिल्म के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। वीडियो में सिर्फ 15 मिनट में देखिए फिल्म इश्कियां और तय कीजिए कि क्या है सच्चाई...








