आगरा. जो यमुना ताजमहल के लिए वरदान थी, वह अब अभिशाप बनती जा रही है। वजह है यमुना में भयानक प्रदूषण से हेवी मैटल की मौजूदगी। अब भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) ने यह माना है कि ताजमहल से यमुना की बेहद नजदीकी अब ठीक नहीं है। इसकी वजह से ताजमहल की नीव में मौजूद कुंओं और लकडि़यों को नुकसान हो सकता है। इसके वैज्ञानिक आधार तैयार करने और नुकसान का जायजा लेने के लिए एएसआई की रसायन शाखा ने जांच टीम बनाई है। टीम ने पानी में कैडमियम, निकल, कॉपर, क्रोमियम, आयर, जिंक, मर्करी और आर्सेनिक की मात्रा बेहद ज्यादा पाया है।
(फोटो-400 साल से ताजमहल से सटकर बहती थी यमुना।)