बस्ती। जिला महिला अस्पताल के पास एक छोटा सा मंदिर है। यहां एक खास तरह के लोग प्रार्थना करने आते हैं। वो होती हैं गर्भवती महिलाएं। प्रसव वेदना से कराह रही ये महिलाएं इस मंदिर में आकर इस दर्द से मुक्ति के लिए प्रार्थना करती हैं। और चमत्कार देखिए, उनके प्रार्थना करने के बाद ही उनका दर्द समाप्त हो जाता है।
लोगों का मनाना है कि मां भी इनकी पुकार सुनती है। इससे प्रसव पीड़ित माताएं हंसते-हंसते वेदना सह जाती हैं। अस्पताल से छूटते ही यहां प्रसाद और कड़ाही का दौर शुरू हो जाता है। ऐसा नजारा यहां लगभग प्रति दिन देखने को मिलता है।
जनश्रुति के मुताबिक, लगभग 50 वर्ष पहले यहां एक पीपल का पेड़ था। इसी अस्पताल में दाई के पद पर तैनात सोनबरसा देवी ने पीपल के पेड़ से सटे शंकर जी के मंदिर की स्थापना किया। और अस्पताल में आने वाले लोगों से लेकर स्थानीय लोगों की आस्था इस मंदिर के प्रति बढ़ती गई। पुजारी के मुताबिक, बाद में मंदिर में मां की स्थायी प्रतिमा लगाई गई।
विज्ञान के इस युग में इस तरह के बातों पर विश्वास करना कठिन होता है। पर कहते हैं कि विश्वास के आगे कुछ नहीं चलता। यहां आने वालों की मुराद पूरी होती है, इसलिए उनकी आस्था दिन ब दिन बलवती हो रही है।
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