चंडीगढ़. देश के गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे के बयान के खिलाफ भाजपा शांतिपूर्ण प्रदर्शन करके गिरफ्तारी देने वाली थी। वीरवार को यह प्रदर्शन शांतिपूर्ण न रह सका।
कांग्रेस भवन, सेक्टर-35 की ओर जाने की कोशिश में भाजपाइयों पर पुलिस ने पानी की बौछार की और हल्का लाठीचार्ज भी। इसमें भाजपा चंडीगढ़ इकाई के अध्यक्ष संजय टंडन, पार्षद सतिंदर सिंह समेत आठ कार्यकर्ता घायल हुए हैं।
भाजपा ने शिंदे के खिलाफ देशव्यापी प्रदर्शन की घोषणा पहले ही कर दी थी। पुलिस और प्रशासन ने कांग्रेस भवन से पहले ही सेक्टर-34 में ऑल इंडिया रेडियो के ऑफिस के सामने सड़क पर बैरिकेड लगा रखे थे। सुबह करीब 11.45 पर टंडन के नेतृत्व में करीब 500 कार्यकर्ता सेक्टर-33 स्थित भाजपा ऑफिस कमलम् से कांग्रेस भवन की ओर बढ़ने लगे। लेकिन पुलिस ने इन्हें सेक्टर-34/35 की लाइटों से आगे नहीं जाने दिया। यहां कुछ कार्यकर्ताओं ने शिंदे के पुतले को आग के हवाले कर दिया।
इसी दौरान पार्षद सतिंदर सिंह और कुछ अन्य कार्यकर्ताओं ने जबर्दस्ती बैरिकेड के पार जाने की कोशिश की। इसके बाद पुलिस वाटर कैनन से पानी की बौछार शुरू कर दी। कुछ कार्यकर्ता नहीं माने तो पुलिस ने हल्का लाठीचार्ज भी किया। इसी बीच पानी की बौछार से सतिंदर सिंह की पगड़ी उतर गई और वे बेहोश होकर गिर पड़े। इस दौरान कार्यकर्ता संजय टंडन के कान पर भी चोट आई। पानी की बौछार करीब 15 मिनट तक होती रही, जिसमें छह और कार्यकर्ता घायल हो गए। घायलों को जीएमसीएच ले जाया गया। इसके बाद बाकी कार्यकर्ताओं ने एक साथ गिरफ्तारी दी।
नहीं दिखे जैन व धवन
भाजपा के इस प्रदर्शन में चंडीगढ़ भाजपा के दो दिग्गज नेता सत्यपाल जैन और हरमोहन धवन नदारद रहे। जैन ने बताया कि झारखंड सरकार बर्खास्त करने के विवाद में वे दिल्ली में बिजी थे, जिस वजह से प्रदर्शन में भाग नहीं ले सके। वहीं, पूर्व केंद्रीय मंत्री धवन ने कहा कि वे बुधवार को दिल्ली में थे। रात को करीब 2 बजे वापस पहुंचे। वीरवार को तबीयत ठीक नहीं थी, इस वजह से प्रदर्शन में भाग नहीं ले सके। इसकी जानकारी उन्होंने सुबह ही प्रदेश अध्यक्ष संजय टंडन को दे दी थी।
कांग्रेस की नीति देशभक्तों के अपमान की: टंडन
टंडन ने कहा कि शिंदे ने भाजपा एवं आरएसएस पर हिन्दू आतंकवादी तैयार करने का घिनौना आरोप लगाया है। हिन्दू आतंकवाद, भगवा आतंकवाद जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया है जो गैरजिम्मेदाराना, आपत्तिजनक एवं राष्ट्रविरोधी है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की नीति हमेशा आतंकवादियों का सम्मान एवं देशभक्तों का अपमान करने की रही है। शिंदे ने संसद व मुंबई बमकांड के मुख्य आरोपी को श्री हाफिज सईद कहा था। दिग्विजय सिंह भी हाफिज को ‘साहब’ और ओसामा ‘जी’ कह चुके हैं।
कांग्रेसियों के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं
भाजपाई कांग्रेस भवन के पास प्रदर्शन करने आए, तो वहां धारा 144 लगी थी। इसी के तहत उन पर कार्रवाई की गई। वहीं यूथ कांग्रेस के सैंकड़ों कार्यकर्ता भी कांग्रेस भवन के बाहर मौजूद थे और नारेबाजी कर रहे थे। पुलिस ने इनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। शाम को यूथ कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष गुरप्रीत सिंह गापी ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि वहां यूथ कांग्रेस के करीब 350 कार्यकर्ता मौजूद थे, लेकिन यूपीए सरकार की डायरेक्ट ट्रांसफर स्कीम के ऑब्जर्वर विवेक कुमार से मिलने के लिए।
कार्रवाई न करना, डीसी के आदेश का उल्लंघन: एडवोकेट यादविंदर सरां के मुताबिक जिस दायरे में धारा 144 लगी हो वहां 5 या इससे ज्यादा लोगों के इकट्ठे होने पर प्रतिबंध होता है, चाहे कोई प्रदर्शन करे या न करे। पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की, तो यह डीसी के आदेशों का उल्लंघन है।
कांग्रेसी समर्थकों ने न तो कोई प्रदर्शन किया और न ही नारेबाजी। हमें तो कोई प्रदर्शनकारी नहीं मिला, अगर वे प्रदर्शन करते तो उन पर भी कार्रवाई होती। न ही कांग्रेस भवन के बाहर 4 से ज्यादा लोग एकत्रित हुए।
-भूपिंदर सिंह, एसएचओ 36
धारा 144 लगाकर किया सत्ता का दुरुपयोग
कांग्रेस भवन, सेक्टर 35 के आसपास धारा 144 लगाने की निंदा करते हुए टंडन ने कहा कि जब कांग्रेसियों ने भाजपा ऑफिस का घेराव किया था तो पुलिस एवं प्रशासन ने कोई कार्रवाई क्यों नहीं की। उन्होंने कहा- यह सरासर कांग्रेस पार्टी की ओर से सत्ता का दुरुपयोग है।