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फूल और कांटे: सरकारी गमलों में ‘गुल’ खिला गए सिटको एमडी

दर्पण चौधरी | Dec 19, 2012, 08:38AM IST
फूल और कांटे: सरकारी गमलों में ‘गुल’ खिला गए सिटको एमडी
चंडीगढ़। मेहनत मालियों की थी, गमले सरकारी थे, लेकिन कंपीटिशन में इनाम ले गए साहब। पिछले हफ्ते टेरेस्ड गार्डन में हुए गुलदाउदी शो में यह ‘गुल’ खिला गए सिटको के मैनेजिंग डायरेक्टर आईएएस डीके तिवारी। इस शो में उन्होंने इंडिविजुअल कैटेगिरी में हिस्सा लिया। 
 
गुलदाउदी के जो गमले उन्होंने अपने बताकर रखवाए उन्हें ‘क्लास-ए आर्टिस्टिक अरेंजमेंट’ (एमेच्योर) में पहला पुरस्कार मिल गया। लेकिन असल में यह ‘आर्टिस्टिक अरेंजमेंट’ सिटको का था। यह पौधे सिटको के फाइव स्टार होटल माउंट व्यू के गार्डन में तैयार किए गए थे। इस शो के नियमों के मुताबिक प्रतियोगी वही पौधे रख सकते थे, जो उन्होंने अपने गार्डन में तैयार किए हों।
 
गुलदाउदी शो खत्म होने के बाद मंगलवार को इस ‘आर्टिस्टिक अरेंजमेंट’ में लगे तीस गमलों को उठाने होटल माउंट व्यू ओर शिवालिक व्यू के माली सेक्टर 33 स्थित टेरेस्ड गार्डन पहुंचे। वह सरकारी ट्रैक्टर में इन गमलों को वहीं ले गए, जहां इन्हें तैयार किया गया था, यानी माउंट व्यू होटल। 
 
होटल में गेट पर एंट्री करते ही सिक्योरिटी गार्ड ने बाकायदा इनकी गिनती की और फिर लॉन में सजा दिया गया। यदि यह गमले डीके तिवारी के थे तो इन्हें सेक्टर 7 स्थित उनके घर पर ही ले जाया जाता। 
 
टेरेस्ड गार्डन से गमले लेने आए माउंट व्यू के माली हरचरण ने बताया कि यह पौधे होटल के गार्डन में तैयार किए गए हैं। वहीं होटल शिवालिक व्यू के माली हरबंस सिंह ने कहा कि हम ही इन्हें तैयार करते हैं। करीब 6 महीने तक रोजाना देखभाल के बाद ही बढ़िया फूल खिले हैं।
 
गुलदाउदी शो-2012 नगर निगम की ओर से आयोजित किया गया था। शो में प्रतियोगियों की एंट्रीज से प्राइज तक की व्यवस्था देखने वाले एसडीओ कृष्णपाल के मुताबिक ‘क्लास-ए आर्टिस्टिक अरेंजमेंट’ एक इंडिविजुअल कैटेगरी है। डीके तिवारी के नाम से एंट्री 13 दिसंबर को आई थी, यह इंडिविजुअल के तौर पर थी। 
 
प्रतियोगी गमले कहां तैयार करते हैं, निगम की ओर से इसकी जांच-पड़ताल नहीं की जाती। न ही किसी के घर जाकर चेक करते हैं। जब इस बारे में डीके तिवारी से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि यह कैटेगरी एमेच्योर की थी। इसमें गमले तैयार करवाकर कंपीटिशन में रखे जा सकते थे। लेकिन जब उन्हें निगम का नियम बताया गया तो उनके पास कोई जवाब नहीं था।
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