ये ट्राईसिटी के ऐसे चेहरे हैं जिन्होंने सही मायनों में अपने कामकाज और लोगों की मदद से गणतंत्र शब्द को सार्थक किया है...
भारत का संविधान 26 जनवरी 1950 में जब अस्तित्व में आया तो मुल्क को कुछ मौलिक अधिकार और कर्तव्य मिले। लोगों को अपनी की आजादी की ताकत मिली। लेकिन उस ताकत का एहसास आज तक सभी को नहीं हो पाया है।इसी वजह से बहुत कम ऐसे हुए हैं जिन्होंने संविधान की किताब में लिखे अधिकारों का पूरा इस्तेमाल किया है।
गणतंत्र दिवस के मौके पर हमने ऐसे ही चेहरे तलाशने की कोशिश की।ट्राईसिटी के इन लोगों ने न सिर्फ बाकी लोगों के जागरुक किया है, बल्कि हमेशा जनहित में काम किया है।इससे इतर निजी जिंदगी में भी उन्होंने लोगों और समाज के भले का मार्ग अपनाया है। आज के दिन मिलिए ऐसे ही कुछ चेहरों से: