नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली का दिल कहा जाने वाला बाजार कनॉट प्लेस दुनिया का चौथा सबसे महंगा मार्केट है। हर साल कनॉट प्लेस के किराए में 25 फीसदी की बढ़ोतरी होती है। बीते साल यहां का किराया हर महीने 403 रुपये प्रति स्क्वॉयर फिट की रफ्तार से आगे बढ़ रहा था। बैंकिंग, फाइनेंशियल, इंश्योरेंस, कंस्लटिंग और मीडिया जैसे क्षेत्रों में कनॉट प्लेस की मांग सबसे ज्यादा है। हाल ही में हुए गुशमैन एंड वेकफिल्ड के ग्लोबल सर्वे में इस जानकारी का खुलासा हुआ है।
पहले पायदान पर लंदन का वेस्ट एंड एरिया, दूसरे नंबर पर सेंट्रल बिजनेस डिस्ट्रीक्ट और तीसरे स्थान पर रियो डी जेनारियो, ब्राजील का जोना सुल मार्केट है। इस सर्वेक्षण में कनॉट प्लेस को चौथी जगह मिली है। जबकि एशिया-पैसिफिक रीजन में मुंबई का कुर्ला बांद्रा कांप्लेक्स आठवें स्थान पर है।
ऐसा ही सर्वे 2011 में भी हुआ था। उस वक्त लंदन और हांगकांग के मार्केट पहले दूसरे पायदान पर काबिज थे। इस बार भी यह दोनों मार्केट अपनी जगह बनाए हुए हैं, जबकि रियो डी जेनारियो ने तोक्यो के सीबीडी मार्केट को पांचवें स्थान पर ढकेल कर तीसरा स्थान हासिल किया है और कनॉट प्लेस चौथे नंबर पर आ गया है।