सूत्रों के अनुसार मौके से पुलिस को एक सुसाइड नोट मिला है। सुसाइड नोट में गीतिका शर्मा आत्महत्या कांड के आरोपी हरियाणा के पूर्व गृह राज्य मंत्री गोपाल कांडा और गीतिका की पूर्व सहकर्मी अरुणा चड्ढा का जिक्र किया गया है। इसमें लिखा गया है- मेरी मौत की जिम्मेदार गीतिका की मौत है, जिसकी मौत गोपाल कांडा और अरुणा चड्ढा के अत्याचारों की वजह से हुई है।
सूत्रों के अनुसार वित्त मंत्रालय के खान मार्केट स्थित लोकनायक भवन में बतौर एकाउंटेंट कार्यरत अनुराधा शर्मा शुक्रवार शाम करीब साढ़े चार बजे अपने घर पहुंची थीं। लंबे समय तक किसी प्रकार की हलचल नहीं मिलने पर अनुराधा शर्मा की जेठानी उनका हाल लेने उनके कमरे में पहुंचीं। उन्होंने पाया कि अनुराधा पंखे से लटकी हुई हैं। जिसके बाद उन्होंने इसकी जानकारी अन्य परिजनों और पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने पाया अनुराधा ने उसी कमरे और उसी पंखे से फांसी लगाई थी, जिस कमरे और पंखे से गीतिका शर्मा (जिस पर पहली ही नजर में कांडा का दिल आ गया था) ने खुदकुशी की थी।
खबरों के मुताबिक गीतिका का गर्भपात भी कराया गया था और खुदकुशी से दो दिन पहले भी उसके साथ सेक्स किया गया था। परिजन बताते हैं कि उसकी खुदकुशी के बाद से ही अनुराधा शर्मा काफी तनाव और अवसाद से ग्रस्त थीं। वह ना ही किसी से ज्यादा बात करती थी और न ही किसी चीज में खास रुचि लेती थीं। उन्होंने बिल्डिंग में रहने वाले अन्य परिजनों के घर आना जाना भी कम कर दिया था। अनुराधा शर्मा के भतीजे गौरव शर्मा ने बताया कि जिस समय अनुराधा शर्मा ने खुदकुशी की, उस समय घर में कोई नहीं था।
सुसाइड नोट में लिखा मीडिया को न दें सूचना :
सूत्र के मुताबिक पुलिस को मौका-वारदात से अनुराधा द्वारा लिखे गए दो पन्ने का सुसाइड नोट बरामद हुआ है, जिसमें उन्होंने लिखा है कि गोपाल कांडा व अरुणा चड्ढा उसकी बेटी की मौत के लिए जिम्मेदार हैं। बेटी की मौत के बाद से वह परेशान थीं, इसलिए खुदकुशी कर रही हैं। अपने सुसाइड नोट में उन्होंने ये भी लिखा कि पोस्टमार्टम के बाद उनके शव को घर न लाया जाए और मीडिया से भी मेरी मौत का जिक्र न किया जाए।
किरण बेदी ने उठाया एक अहम सवाल :
गीतिका शर्मा की मां द्वारा सुसाइड के मामले पर टिप्पणी करते हुए पूर्व आई पी एस अधिकारी किरण बेदी ने एक टीवी इंटरव्यू में कहा, "यह बेहद दुःख की बात है कि जो परिवार बेटी के खोने के सदमे से गुजर रहा था उसके काउंसलिंग के लिए कोई इंतजाम नहीं किया गया। उनकी मां सदमे में थी और अगर इस दौरान उनपर गोपाल कांडा के खिलाफ केस वापस लेने का दबाव पड़ रहा था और अगर उन्होंने इस सम्बन्ध में पुलिस में लिखित शिकायत की है तो मामला बेहद गंभीर और आपराधिक है।"
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