Home » Union Territory » New Delhi » News » Goel, The BJP's New State President

विजय गोयल बने भाजपा के नए प्रदेश अध्यक्ष

Bhaskar News | Feb 16, 2013, 04:17AM IST

नई दिल्ली. दिल्ली प्रदेश भाजपा अध्यक्ष के लिए लंबे समय से चल रही रस्साकशी उस समय समाप्त हो गई जब पार्टी के आलाकमान ने प्रेदश भाजपा अध्यक्ष पद के लिए पूर्व केन्द्रीय मंत्री विजय गोयल के नाम पर मोहर लगा दी।


पार्टी में तमाम विरोधों को दरकिनार करते हुए भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने विजय गोयल के नाम की प्रदेश अध्यक्ष के लिए हरी झंडी दे दी। बिजली व पानी के मुद्दों पर प्रदर्शन के जरिए गोयल ने राजधानी में अपनी अलग पहचान बनाई थी।


हाईकमान के इस फैसले से पार्टी का बड़ा वर्ग काफी खिन्न माना जा रहा है। पार्टी के कार्यकर्ताओं का कहना है कि विजय गोयल को अध्यक्ष बनाने से गुटबाजी खत्म होने के बजाय और बढ़ेगी। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष ओमप्रकाश कोहली के बाद भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष का पद संभालते ही विजेंद्र गुप्ता ने विजय गोयल, करण सिंह तंवर सहित भाजपा के कुछ वरिष्ठ विधायकों के विरोध के बाद भी आक्रामक रुख अख्तियार करते हुए निगम चुनाव में तीनों निगमों में बहुमत से जीत दिलवाई। मुख्यमंत्री को कॉमनवेल्थ गेम्स, बिजली, पानी, मंहगाई समेत कई मुद्दो पर धरना, प्रदर्शन कर बैकफुट धकेला। कार्यकर्ताओं का दबे स्वर में कहना है कि जिस तरह गुप्ता ने पार्टी के कार्यकर्ताओं में जोश भरा और अन्ना, बाबा रामदेव, कॉमनवेल्थ घोटाला, बढ़ती मंहगाई पर सरकार को घेरकर जीत की जमीन लगभग तैयार कर ली थी उस पर पार्टी ने फिर से पानी में डूबा दिया है। इसकी खामियाजा पार्टी को हार में भुगतना होगा।
विधानसभा चुनाव में ६ माह शेष रहते बदली राजनैतिक परिपेक्ष्य के कारण होने वाली गुटबाजी  में गोयल का पार्टी कार्यकर्ताओं को साधकर विधान सभा चुनाव में जीत दिलवाना आसान नहीं होगा।  पार्टी में लंबे समय विधान सभा चुनाव को ध्यान में रखकर प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष पर एक राष्ट्रीय नेता को लाने की मांग की जा रही थी। विजय गोयल वर्षों से प्रदेश की राजनीति में सक्रिय होने के लिए हाथ पैर मार रहे थे लेकिन पिछली बार भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव अरुण जेटली ने विजेंद्र गुप्ता को प्रदेश अध्यक्ष बनाकर गोयल के मंसूबों पर पानी फेर दिया।



गोयल को राजनाथ सिंह के करीबी माना जा रहा था। राजनाथ के कार्यकाल में वे बतौर पार्टी के केंद्रीय पदाधिकारी भी थे। आरएएसएस ने  विजय गोयल को प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने पर पार्टी में विजय मलहोत्रा, विजेंद्र गुप्ता, आरती मेहरा सहित कई अन्य नेताओं के साथ अंदरखाने तगड़ी गुटबाजी की बात कहकर डॉ. हर्षवद्र्धन का नाम प्रस्तावित किया था। आरएसएस का कहना था कि हर्षवद्र्धन की साफ छवि व विजन के बूते पार्टी विधान सभा चुनाव जीता जा सकता था। लेकिन पार्टी अध्यक्ष अपने वीटो का इस्तेमाल करते हुए गोयल के नाम पर मोहर लगा दी।

आपके विचार
 
अपने विचार पोस्ट करने के लिए लॉग इन करें

लॉग इन करे:
या
अपने बारे में बताएं
 
 

दिखाया जायेगा

 
 

दिखाया जायेगा

 
कोड:
6 + 10

 
विज्ञापन

बड़ी खबरें

रोचक खबरें

विज्ञापन

बॉलीवुड

जीवन मंत्र

स्पोर्ट्स

जोक्स

पसंदीदा खबरें

फोटो फीचर

 
Email Print Comment