नई दिल्ली. आज भी कई ऐसे लोग हैं जो काला जादू, तंत्र-मंत्र जैसे अंधविश्वासों में आसानी से फंस जाते हैं और तांत्रिकों के हाथों का खिलौना बने रहते हैं।
विज्ञान का गलत तरीके से प्रयोग करने वाले इन तांत्रिकों की पोल इन दिनों दिल्ली यूनिवर्सिटी के महर्षि वाल्मीकि कॉलेज ऑफ एजुकेशन के छात्र साइंटिफिक अंदाज में खोल रहे हैं।
छात्रों का मानना है कि विकास के इस युग में भी ऐसे लोगों की कोई कमी नहीं जो तांत्रिकों के जाल में फंस कर पहले तो हजारों-लाखों रुपए गंवा देते हैं और फिर डर के साए में जीने लगते हैं।
लोगों को इन तमाम तरह के भ्रम से बाहर निकालने के लिए डीयू के वार्षिक आयोजन अंतरध्वनि 2013 के इनोवेशन प्लाजा में छात्रों ने कई प्रोजेक्ट पेश किए हैं। इसके माध्यम से वे तांत्रिकों की पोल खोलने में जुटे हैं।
स्लाइड के साथ जानिए, कैसे तांत्रिक करते हैं अपना कारनामा।