भारत के राष्ट्रीय खेल हॉकी पर भी मंडरा रहा था खतरा!

नई दिल्ली. भारत का राष्ट्रीय खेल हॉकी भी ओलिंपिक से बाहर होते-होते रह गया। अंतरराष्ट्रीय ओलिंपिक समिति (आईओसी) के कार्यकारी बोर्ड की लुसाने में हुई बैठक में चार राउंड की वोटिंग के बाद अंतत: हॉकी को संजीवनी मिली।
बैठक में कुश्ती को बाहर करने के लिए सबसे ज्यादा वोट पड़े। बैठक में कुश्ती, आधुनिक पेंटाथलन, हॉकी, केनोइंग और ताइक्वांडो में से किसी एक को ओलिंपिक से बाहर करने के मुद्दे पर चार राउंड वोङ्क्षटग करनी पड़ी। आईओसी के अध्यक्ष जैक्स रोगे ने अपना मतदान नहीं किया।
कुश्ती ऐसे हुआ बाहर : केनोइंग पहले राउंड की वोङ्क्षटग में सुरक्षित निकल गया। अगले राउंड में ताइक्वांडो भी सुरक्षित बच गया। अब तीन खेल बचे थे जिनमें से एक को बाहर होना था।
कुश्ती को बाहर करने के लिए सबसे ज्यादा आठ वोट पड़े जबकि हॉकी और पेंटाथलन के विरोध में तीन-तीन वोट पड़े। इस तरह कुश्ती को ओलिंपिक से बाहर करने की सिफारिश कर दी गई जबकि हॉकी और पेंटाथलन बच गए।
इसलिए बच गई हॉकी :
हॉकी के पक्ष में एक बड़ी बात यह रही कि उसके हाल के पदक विजेताओं में जर्मनी,स्पेन,ऑस्ट्रेलिया और ब्रिटेन जैसे देश शामिल रहे।
पेंटाथलन के पक्ष में भी यह तथ्य काम कर गया कि आईओसी के पूर्व अध्यक्ष जुआन एंटोनियो के पुत्र जुआन एंटोनियो जूनियर मॉडर्न पेंटाथलन महासंघ के उपाध्यक्ष भी हैं और आईओसी कार्यकारी बोर्ड में भी शामिल हैं।
कार्यकारी बोर्ड में ये हैं सदस्य :
ईओसी कार्यकारी बोर्ड में बेल्जियम के रोगे के अलावा ङ्क्षसगापुर, जर्मनी के दो प्रतिनिधि उपाध्यक्ष एवं सदस्य, मोरक्को, ब्रिटेन,ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अफ्रीका, स्वीडन, चीनी ताइपे, स्विट्जरलैंड, आयरलैंड, स्पेन, यूक्रेन और ग्वाटेमाला के सदस्य शामिल थे। इनमें से केवल जर्मनी, यूक्रेन और स्वीडन के पहलवानों ने पिछले २० वर्षों में पदक जीते हैं।
'फेसबुक के सहारे जुटाएंगे कुश्ती के लिए समर्थन': ओलिंपिक खेलों से कुश्ती हटाने की सिफारिश का अंतरराष्ट्रीय कुश्ती जगत ने कड़ा विरोध किया है।
अमेरिकी कुश्ती के कार्यकारी निदेशक रिच बेंडर ने कहा 'हमने ओलिंपिक में कुश्ती को बनाए रखने पर लोगों का समर्थन हासिल करने के लिए फेसबुक पेज भी बनाया है जिसका नाम है 'कीप रेसङ्क्षलग इन द ओलिंपिक'।






