निरक्षरता की अंधियारी दुनिया में जगाई शिक्षा की अलख
जयपुर। कोई स्कूल से लौटकर वक्त निकाल बड़े-बुजुर्गों को पढ़ाती हैं तो कोई घर-परिवार का काम छोड़ पहुंच जाती हैं निरक्षरों के बीच। निरक्षरता का अंधियारा मिटाने की इस मुहिम में कई तो घर-परिवार तक को भूल जाती हैं। कुछ ने अपने ही घर पर रात को खोल रखी है क्लास। यह सबकुछ बिना मेहनताने के। यह कहानी है स्वयंसेवी महिला शिक्षकों की। खुद ठीक से पढऩा-लिखना सीख गई तो अब इन्होंने राज्य से निरक्षरता का कलंक मिटाने की ठान ली है। शनिवार को साक्षरता दिवस पर बिड़ला ऑडिटोरियम में आयोजित समारोह में 31 स्वयंसेवी शिक्षकों को पुरस्कार दिए गए। इनमें 20 महिलाएं हैं। मंत्री, मुख्य सचिव सहित अन्य अधिकारियों से पुरस्कार लेते वक्त वे बेहद खुश थीं और वादा कर गईं कि शिक्षा की अलख जगाने का सिलसिला यूं ही बरकरार रखेंगी।
इनका हुआ सम्मान:
अजमेर: लाडदेवी सैन, अलवर: मुखराम गूर्जर, बांसवाड़ा: महेश चंद पंड्या, बारां: दूलीचंद वैष्णव, बाड़मेर: कुमारी रेखा, भरतपुर: वीनेश कुमारी, भीलवाड़ा: त्रिलोक कंवर, बीकानेर: प्रेमनाथ, बूंदी: खेमराज गोचर, चित्तौडगढ़़: ललिता नलवाया, चूरू: रोशनी, दौसा: मंजू सैनी, धौलपुर: निशा शर्मा, डूंगरपुर: विनोद कुमार, गंगानगर: सीमा रानी, हनुमानगढ़: रचना देवी, जयपुर: अनिरुद्ध सिंह, जैसलमेर: जतना देवी, जालौर: राजाराम, झालावाड़: रुबिना बी, झुंझुनूं: पिंकी कुमारी सैनी, जोधपुर: मुकेश कुमार, करौली: संतरा शर्मा, नागौर: शिमला, पाली: रेखा रावत: राजसमंद: रतनलाल पालीवाल, सवाईमाधोपुर: रमेशी मीना, सीकर: कृष्णा नागौरा, सिरोही: मीठाराम गरासिया, टोंक: राधा गौतम, उदयपुर: पल्लवी पंड्या।
हर व्यक्ति को देनी होगी साक्षरता में आहुति
पंचायती राज मंत्री महेन्द्र जीतसिंह मालवीया ने साक्षरता महायज्ञ में प्रत्येक व्यक्ति को आहुति देकर निरक्षरता के कलंक को मिटाने में योगदान देने की अपील की है। बिड़ला सभागार में अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस पर आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में मालवीया ने कहा कि साक्षर भारत को ग्राम पंचायत, पंचायत समिति एवं जिला स्तर पर और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा।
शिक्षामंत्री बृजकिशोर शर्मा ने कहा कि राज्य को पूर्ण साक्षर एवं विकसित बनाने के लिए सरकार के साथ-साथ सभी जन प्रतिनिधियों, स्वयं सेवी संगठनों, समाजसेवियों, शिक्षकों, वित्तीय संस्थानों एवं आमजन को सामूहिक प्रयास करने होंगे। मुख्य सचिव सी.के. मैथ्यू ने कहा कि राज्य में ग्राम पंचायत स्तर पर सरपंच की अध्यक्षता में लोक शिक्षा समिति, पंचायत समिति स्तर पर प्रधान की अध्यक्षता में तथा जिला स्तर पर जिला प्रमुख की अध्यक्षता में जिला लोक शिक्षा समिति का गठन किया गया है। साक्षरता निदेशक मधुसूदन शर्मा ने प्रदेश में साक्षरता की विभिन्न योजनाओं पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर प्रदेश के विभिन्न भागों से आए कलाजत्थों ने भी रंगारंग प्रस्तुतियां दीं।






