जयपुर। 200 साल। अत्याचार। ब्रिटिश साम्राज्य। पूरे भारत में विरोध प्रदर्शन। अंग्रेजी हुकूमत यह मान चुकी थी अब यहां शासन करना आग से खेलने के बराबर है। लेकिन भारत छोडऩे से पहले अंग्रेजों ने कूटनीति अपनाई। भारत को दो हिस्सों में बांट डाला। वर्ष 1949। आजादी का जश्न। चारों ओर खुशी का माहौल। इन सब के बीच एक अजीब सा सन्नाटा फैला था। आजाद होने के बावजूद अपनों के बीच में भी अजनबी जैसी स्थिति थी। अब रियासतों का एकीकरण कर एक राज्य बनाने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी थी। ताकि एक संपूर्ण भारत की स्थापना की जा सके।
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