जयपुर. जुलूस तो आपने बहुत देखे होंगे और सम्मेलनों में भी खूब शिरकत की होगी। लेकिन हमारा अभिप्राय एक ऐसे सम्मेलन से है। जिसमें भाग लेने वाले ना तो औरत थे और ना ही मर्द जात से उनका कोई ताल्लुक था। बल्कि अपनी शारीरिक बनावट में ये एक ही साथ स्त्री और पुरुष दोनों है।
जी हां, हिंदुस्तान के सभ्य समाज में इन्हें किन्नर के नाम से जाना जाता हैं। इसी समाज का तीन दिवसीय सम्मेलन जयपुर में आयोजित किया गया। जिसमें प्रदेश भर के किन्नरों ने हिस्सा लिया और पूरे जोशो-खरोश के साथ जयपुर की सड़कों पर रैली निकाली।
इस मौके पर बैंड बाजे की टिरटिराती धुनों पर ठुमके लगाते किन्नरों के जलवे देखने लायक थे। भारी संख्या में सड़कों पर कदमताल कर रहे किन्नरों के हुजूम से सड़कों पर चहलकदमी थम गई। शहर के बाशिंदे सांस थामे किन्नरों के जलवे देखते रहे और वे अपनी धुन में मगन चलते रहे। ....बहरहाल पेश-ए-खिदमत है किन्नर सम्मेलन की तस्वीरें..
Photo_NIranjan Chauhan