जयपुर. नाबालिग को अगवा कर सामूहिक दुष्कर्म करने के मामले में करौली के सपोटरा पुलिस थाने ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की तो लड़की के भाई और पिता ने बदला लेने के लिए दुष्कर्म के आरोपी के दोनों हाथ काट दिए। ये बात राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष लाडकुमारी जैन से मंगलवार दोपहर मिली दुष्कर्म पीडि़ता और उसके परिजनों ने बताई।
उन्होंने सपोटरा थाना पुलिस पर एक तरफा़ कार्रवाई करने का आरोप लगाया। साथ ही कहा कि पुलिस ने हाथ काटने के अपराध में तो पांच लोगों को गिरफ्तार कर लिया, लेकिन उससे पहले हुई दुष्कर्म की इस घटना में बाद में जाकर इस्तगासा के जरिए मुकदमा दर्ज किया। और अब दुष्कर्म की एफआईआर पर पुलिस कार्रवाई नहीं कर रही है।
राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष लाड कुमारी जैन से मंगलवार को महारानी कॉलेज की स्टूडेंट लीडर और एबीवीपी की स्टेट बॉडी मेंबर किरण सिंह, अलका, पायल खान आदि सपोटरा के बालोती गांव निवासी पीडि़ता और उसके परिजनों को लेकर पहुंची।
इन छात्राओं ने चेताया कि अगर पुलिस ने दुष्कर्म के केस में निष्पक्ष जांच करके कार्रवाई नहीं तो दिल्ली में हुए प्रदर्शन की तर्ज पर जयपुर में भी कॉलेज और विश्वविद्यालय की छात्राएं सरकार के खिलाफ धरना देकर प्रदर्शन करेंगी।
उन्होंने लाडकुमारी जैन से पीडि़ता के तुरंत 164 के बयान दर्ज करवाने और दुष्कर्म प्रकरण में आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करवाने की मांग की है। लाडकुमारी जैन के मुताबिक उन्होंने अकेले में पीडि़ता के बयान दर्ज कर लिए है। पीडि़ता की तरफ से दर्ज दुष्कर्म की एफआईआर पर कार्रवाई को लेकर गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव को पत्र लिखा है।
ये था मामला: सपोटरा के बालोती गांव की दो घटनाएं।
लड़की भगाने के आरोप में कुछ लोगों ने पप्पू नामक युवक के दोनों हाथ काट दिए थे। इसकी सपोटरा थाने में 309 नंबर की एफआईआर दर्ज है। पुलिस ने इसमें पांच लोगों को गिरफ्तार किया। अब गिरफ्तार होने वाले पक्ष से नया मामला सामने आया है।
इनका कहना है कि उनकी 16 वर्षीय बेटी को पप्पू 5 दिसंबर की रात को अगवा कर ले गया और दो युवकों के साथ मिलकर दुष्कर्म किया। इस्तगासा से दर्ज कराए गए इस प्रकरण में थाने में 316 नंबर की एफआईआर दर्ज हुई।
दुष्कर्म पीडि़ता और परिजनों के आरोप के मुताबिक पुलिस इस 316 नंबर की एफआईआर पर कार्रवाई नहीं कर रही। जबकि पहले दुष्कर्म की घटना हुई और उसकी प्रतिक्रिया में हाथ काटने की घटना। इसलिए पहले हुई घटना की बाद में दर्जकी गई एफआईआर पर पुलिस निष्पक्ष कार्रवाई करके न्याय दिलाए।
मेडिकल में दुष्कर्म का बयान: दुष्कर्म का मामला दर्ज होने के बाद तीन डॉक्टरों के बोर्ड ने 17 दिसंबर को पीडि़ता का मेडिकल किया। मेडिकल में जांच के लिए नमूने लिए है। बयानों में पीडि़ता ने दुष्कर्म का आरोप दोहराया।