Home » Rajasthan » Jaipur » 13 बार गोले दागने के बाद भी नहीं हिली इस किले की दीवारें

13 बार गोले दागने के बाद भी नहीं हिली इस किले की दीवारें

Neelima Sukhija | Jan 07, 2013, 13:21PM IST

जयपुर। राजस्थान का इतिहास जितना वैभवपूर्ण, उतना ही गौरवशाली। यहां के राजाओं ने अपनी रियासत के लिए जान की परवाह तक नहीं की। "भरतपुर का ऐतिहासिक किला" अजेय होने के कारण "लौहगढ़" कहलाता है। सदियों से चली आ रही परंपरा को बरकरार रखने के लिए यहां के राजाओं ने मातृभूमि की सेवा में कोई कसर नहीं छोड़ी है। राजाओं ने अपनी शान-ओ-शौकत के लिए सब कुछ न्यौछावर कर दिया। ऐसी ही एक रियासत है भरतपुर। इसे राजस्थान का पूर्व सिंहद्वार भी कहा जाता है। यहीं स्थित है यह अजेय दुर्ग। जो फौलादी दृढ़ता के साथ लोहागढ़ के नाम से इतिहास में दर्ज है। जिसपर 13 युद्धों के दौरान दागे गए गोलों का भी कोई असर नहीं हुआ था। यहां जाट राजाओं की हुकूमत थी। जो अपनी दृढ़ता के लिए जाने जाते हैं।


किस तरह अंग्रेजों को जाट राजाओं के सामने झुकना पड़ा, पढि़ए अगली स्लाइड में


सचिवालय कर्मचारी कॉलगर्ल संग मना रहे थे रंगरेलियां, पुलिस ने रंगे हाथ दबोचा
राजस्थान: कोहरे और कड़ाके की ठंड में जमी बर्फ, पारा पहुंचा -2.3
बेटी, यह धर्म है पाप नहीं, कुंवारी कन्या बाप का मुंह देखती रह गई!

आपके विचार
 
अपने विचार पोस्ट करने के लिए लॉग इन करें

लॉग इन करे:
या
अपने बारे में बताएं
 
 

दिखाया जायेगा

 
 

दिखाया जायेगा

 
कोड:
3 + 3

 
विज्ञापन
 
Ethical voting

बड़ी खबरें

रोचक खबरें

विज्ञापन

बॉलीवुड

जीवन मंत्र

स्पोर्ट्स

बिज़नेस

जोक्स

पसंदीदा खबरें

फोटो फीचर

 
Email Print Comment