जयपुर. भारत-पाकिस्तान की सीमा के साथ लगते गांव राजस्थान के बिंजौर (अनूपगढ़) में लैला-मजनूं की मजार पर देश भर से आए प्रेमी-प्रेमिकाओं का हुजूम एकत्र होकर उनकी मजार पर माथा टेकते हैं। ऐसा माना जाता है कि लैला व मजनूं ने इसी गांव में अपनी जान दी थी। इस मजार पर पूजा करने के लिए दूर- दूर से नव विवाहित जोड़े आते हैं और साथ में प्रेमी-प्रेमिकाओं का हुजूम भी उमड़ता है।
मजनूँ के काल्पनिक होने के संबंध में कई कथन वर्णित हैं। लेकिन सदियों से लैला-मजनूँ की प्रेम कहानी दुनिया भर के प्रेमियों के लिए मिसाल बनी हुई हैं। प्रेमी युगल आज भी लैला मजनूं की मजार पर सजदा करते हैं। प्रेमी जोड़ों को विश्वास है कि सैंकड़ों वर्ष पुरानी इस मजार पर मत्था टेकने से उनकी सभी मनोकामनाएँ पूरी होंगी।
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