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सोलह भूत ढाई महीने तक खाते रहे गरीबों का राशन

rakesh malviya | Dec 07, 2012, 18:03PM IST

रायपुर। राजधानी से कुछ किलोमीटर दूर स्थित गांव केंद्री के सरपंच और ग्राम सचिव के कारनामे ने अफसरों को भी हैरान कर दिया है। सरपंच और सचिव ने मिलीभगत कर 16 मृत और 28 फर्जी व्यक्तियों के नाम से बीपीएल कार्ड बनाकर 30 महीने राशन उठाकर हेराफेरी की। कलेक्टर के जनदर्शन में मिली शिकायत के बाद खाद्य विभाग के अफसरों ने जब इसकी जांच की तो उनके होश उड़ गए। सब कुछ इतनी सफाई से किया गया कि एक नजर में किसी को भी फर्जीवाड़े की भनक नहीं लगी। एक-एक दस्तावेज की बारीकी से जांच करने के बाद इस पूरे मामले का खुलासा हुआ।
आगे पढ़िए कैसे हुआ यह पूरा कारनामा।

धरसींवा ब्लॉक के अंतर्गत आने वाले इस गांव में सरपंच देवकुमार यादव और ग्राम सचिव अरुणा सरकार ने ढाई साल पहले हुए कार्डों के सत्यापन के दौरान 28 कार्ड ऐसे बनाए, जिनके नाम पहले से ही बीपीएल सूची में शामिल थे।

जिला खाद्य नियंत्रक दयामणि मिंज, सहायक खाद्य अधिकारी आरसी गुलाटी और खाद्य निरीक्षक प्रतिभा राठिया की टीम ने लगातार तीन दिनों तक जांच के बाद खुलासा किया कि सरपंच और ग्राम सचिव ने मिलकर सूची में शामिल अंकलहीन सखा को अकलहीन राख, अर्जुन लाल को अर्जुन सेन, गणेश बाई को गणेशिन, गोविंद संधू को चनधू समेत ऐसे कई मिलते-जुलते नामों से 28 फर्जी कार्ड बनाए।

इसके अलावा 16 ऐसे व्यक्तियों के नाम से कार्ड बनवाए गए, जो अब इस दुनिया में ही नहीं हैं। इन सभी फर्जी कार्डों से दोनों ने सेल्समैन मनोहर यादव और राजेंद्र बंजारे की मदद से मई-2010 से अक्टूबर-2012 तक राशन लेते रहे।

इस राशन की कीमत 9 लाख रुपये से ज्यादा होती है। कलेक्टर के निर्देश पर इनके खिलाफ आवश्यक वस्तु और पीडीएस अधिनियम के तहत अपराध पंजीबद्ध कर लिया गया है। श्री परदेसी ने पूरी जांच रिपोर्ट आने के बाद इस मामले में पुलिस में भी एफआईआर कराने के निर्देश दे दिए हैं।
 

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