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दो घंटे तक कार थी स्टार्ट, चल रहा था एसी और अंदर थी लाश

rakesh malviya | Dec 21, 2012, 10:59AM IST

रायपुर। कपड़ा व्यापारी झामनदास निहचलानी की बेटी वसुधा निहचलानी की गुरुवार की शाम होंडा सिटी कार में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। युवती ऐश्वर्या रेसीडेंसी स्थित अपने घर से श्याम  के लिए निकली थी। वहां उसका रेडिमेड का शोरूम है। उसकी कार राजीवनगर जाने वाली गली के किनारे मिली।
वह बेसुध थी। संजीवनी एक्सप्रेस से उसे अस्पताल भेजा गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। एसएसपी दिपांशु काबरा ने बताया कि प्रारंभिक पूछताछ में संकेत मिले हैं कि २५ वर्षीय वसुधा को मिर्गी थी। माता-पिता के मुंबई में होने के कारण उनसे बातचीत नहीं हो पाई। पुलिस ने हालांकि उसकी मौत को संदिग्ध मानते हुए शव आंबेडकर अस्पताल के चीरघर में रखवाया है।
मुंह से निकला झाग
वसुधा को कार से निकालकर संजीवनी एक्सप्रेस में बिठाने वाले कई प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि वह कार की ड्राइविंग सीट पर अधलेटी हालत में थी। उसका चेहरा बाजू वाली सीट की तरफ झुका हुआ था। मुंह से झाग भी निकल रहा था।

शंकरनगर की पॉश कॉलोनी में वसुधा निहचलानी दो घंटे तक चालू कार में
बैठी देखी गई। गाड़ी का एसी भी चल रहा था। आस-पास के लोग काफी देर
तक लोग यही समझते रहे कि युवती किसी से मोबाइल पर बात कर रही
है। गाड़ी स्टार्ट थी, इस वजह से उन्हें यह आभास होता रहा कि युवती कान
में ब्लू टूथ लगाकर बात कर रही है। बाद में वह जब लुढ़की हुई स्थिति
में नजर आई, तब लोगों को गड़बड़ी का अंदेशा हुआ और उन्होंने १०८
संजीवनी एक्सप्रेस को सूचना दी।

संजीवनी एक्सप्रेस बुलाने से पहले भी आस-पास के लोग देर तक
खुसर-फुसुर करते रहे। कार में युवती होने के कारण किसी में साहस नहीं
हो रहा था कि गाड़ी के करीब जाकर माजरा समझे। सब दूर से ही कार को
घूरते खड़े थे। बाद में उस इलाके के कुछ रसूखदार और वरिष्ठ जनों के
आने के बाद ही संजीवनी एक्सप्रेस को फोन किया गया। संजीवनी
एक्सप्रेस आने के बाद भी लोग कार का दरवाजा खोलने के लिए सकुचाते
रहे। आखिरकार, संजीवनी के स्टाफ ने दरवाजा खोला। कार में लॉक
नहीं लगा था। गाड़ी से जब युवती को बेसुध हालत में निकाला गया,
उसके बाद वहां हड़कंप मचा। आसपास की दुकानों और मकानों के लोग
वहां जमा हो गए। सब यह जानना चाह रहे थे कि आखिर वहां क्या हो
गया। संजीवनी एक्सप्रेस के स्टाफ ने उसकी नब्ज टटोली, लेकिन उन्हें
स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी। कार में प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार वसुधा
का चेहरा नीला पड़ गया था। उसका मुंह खुला था। इस वजह से वहां यह चर्चा शुरू हो गई कि उसने जहर पी लिया है। पुलिस और डॉक्टरों ने
हालांकि इसकी पुष्टि नहीं की। अफसरों के मुताबिक, परिजनों
से पूछताछ और डॉक्टरी रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों
का खुलासा होगा। चेहरा
वसुधा को अस्पताल ले जाने के बाद पुलिस पहुंची। उसे बेसुध देखने के
बाद वहां मौजूद लोगों ने कंट्रोल रूम को सूचना दी। उसके बाद पुलिस
के अधिकारी वहां पहुंचे। इस दौरान युवती के रिश्तेदार भी आ गए।
 

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